संभल हिंसा के आरोपी शारिक साटा की कोर्ट के आदेश पर संपत्ति जब्त
दीपा सराय इलाके में स्थित शारिक साटा की चार मंजिला इमारत पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी इमारत नहीं, बल्कि केवल वही हिस्सा अटैच किया गया है जो सीधे तौर पर फरार आरोपी की मिल्कियत में है।

UP News : संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शारिक साटा की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट निदेर्शों के बाद की गई, जिसमें आरोपी के कोर्ट में पेश न होने को आधार बनाया गया।
भारी सुरक्षा के बीच हुई कुर्की
दीपा सराय इलाके में स्थित शारिक साटा की चार मंजिला इमारत पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी इमारत नहीं, बल्कि केवल वही हिस्सा अटैच किया गया है जो सीधे तौर पर फरार आरोपी की मिल्कियत में है। यह संपत्ति शहर के पॉश इलाकों में गिनी जाती है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हैं मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शारिक साटा पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा हत्या की साजिश, हिंसा फैलाने और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप भी उस पर लगाए गए हैं। कोर्ट में लगातार गैरहाजिर रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।
बवाल में चली थी गोली, कई लोगों की मौत
हिंसा के दौरान अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसके बाद जांच की दिशा और गहरी हुई। जांच के दौरान घटनास्थल के पास से पाकिस्तान और अमेरिका में बने कारतूसों के खोखे बरामद किए गए। इससे मामले में अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका मजबूत हुई। तकनीकी सर्विलांस और विशेषज्ञ जांच के आधार पर पुलिस शारिक साटा और उसके गिरोह तक पहुंची।
गुर्गों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद
शारिक साटा के करीबी सहयोगी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिंसा में इस्तेमाल हुए हथियार शारिक साटा ने ही उपलब्ध कराए थे। मुल्ला अफरोज के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
विदेश से गिरोह संचालन का आरोप
पुलिस के अनुसार शारिक साटा दुबई में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। उस पर वाहन चोरी, अवैध हथियारों की तस्करी, सोने और नकली नोटों की सप्लाई जैसे कई संगीन आरोप पहले से दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संपर्क रहे हैं, जिसको लेकर दिल्ली में भी मामला दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी हिंसा का मकसद संभल में भय का माहौल बनाना और हालात इस कदर बिगाड़ना था कि कर्फ्यू लगाना पड़े। साजिश विदेश में बैठकर रची गई और स्थानीय स्तर पर हथियारों के जरिए उसे अंजाम दिया गया। फिलहाल संपत्ति कुर्की के साथ-साथ आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
UP News : संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शारिक साटा की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट निदेर्शों के बाद की गई, जिसमें आरोपी के कोर्ट में पेश न होने को आधार बनाया गया।
भारी सुरक्षा के बीच हुई कुर्की
दीपा सराय इलाके में स्थित शारिक साटा की चार मंजिला इमारत पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी इमारत नहीं, बल्कि केवल वही हिस्सा अटैच किया गया है जो सीधे तौर पर फरार आरोपी की मिल्कियत में है। यह संपत्ति शहर के पॉश इलाकों में गिनी जाती है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हैं मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शारिक साटा पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा हत्या की साजिश, हिंसा फैलाने और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप भी उस पर लगाए गए हैं। कोर्ट में लगातार गैरहाजिर रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।
बवाल में चली थी गोली, कई लोगों की मौत
हिंसा के दौरान अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसके बाद जांच की दिशा और गहरी हुई। जांच के दौरान घटनास्थल के पास से पाकिस्तान और अमेरिका में बने कारतूसों के खोखे बरामद किए गए। इससे मामले में अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका मजबूत हुई। तकनीकी सर्विलांस और विशेषज्ञ जांच के आधार पर पुलिस शारिक साटा और उसके गिरोह तक पहुंची।
गुर्गों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद
शारिक साटा के करीबी सहयोगी मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिंसा में इस्तेमाल हुए हथियार शारिक साटा ने ही उपलब्ध कराए थे। मुल्ला अफरोज के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
विदेश से गिरोह संचालन का आरोप
पुलिस के अनुसार शारिक साटा दुबई में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। उस पर वाहन चोरी, अवैध हथियारों की तस्करी, सोने और नकली नोटों की सप्लाई जैसे कई संगीन आरोप पहले से दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संपर्क रहे हैं, जिसको लेकर दिल्ली में भी मामला दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी हिंसा का मकसद संभल में भय का माहौल बनाना और हालात इस कदर बिगाड़ना था कि कर्फ्यू लगाना पड़े। साजिश विदेश में बैठकर रची गई और स्थानीय स्तर पर हथियारों के जरिए उसे अंजाम दिया गया। फिलहाल संपत्ति कुर्की के साथ-साथ आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।













