सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में नेतृत्व के दो अलग-अलग नमूने देखने को मिलते हैं। एक उत्तर प्रदेश में और दूसरा अन्य जगहों पर। उनके इस कथन को सपा नेताओं ने अपमानजनक बताया, जिसके बाद विरोध तेज हो गया।

UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब कोडीन युक्त कफ सिरप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी आमने-सामने आ गए। मुख्यमंत्री के एक बयान ने विपक्ष को इतना नाराज कर दिया कि सदन में तीखी बहस और शोर-शराबा शुरू हो गया।
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में नेतृत्व के दो अलग-अलग नमूने देखने को मिलते हैं। एक उत्तर प्रदेश में और दूसरा अन्य जगहों पर। उनके इस कथन को सपा नेताओं ने अपमानजनक बताया, जिसके बाद विरोध तेज हो गया। योगी ने तंज कसते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं की कार्यशैली और विदेश यात्राओं का भी जिक्र किया, जिससे विपक्ष और भड़क उठा।
कफ सिरप के निर्माण पर सरकार की सफाई
दवाइयों की गुणवत्ता और कोडीन सिरप के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की दवाओं का निर्माण उत्तर प्रदेश में नहीं होता। उन्होंने कहा कि यूपी में केवल स्टॉकिस्ट और सप्लाई से जुड़ी गतिविधियाँ होती हैं, जबकि उत्पादन अन्य राज्यों में किया जाता है। सरकार ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में दवाओं की निगरानी व्यवस्था सख्त है।
मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल किए गए नमूना शब्द को लेकर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मयार्दाओं के अनुरूप नहीं है और मुख्यमंत्री को अपने शब्दों पर संयम रखना चाहिए। इससे पहले समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने सदन में कोडीन युक्त कफ सिरप से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकार से पूछा था कि इस तरह की दवाओं की बिक्री और दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।