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UP News; अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उठे इस विवाद के गहरे राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं।

UP News; उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां गांव में एक पुरानी इमारत को लेकर मंदिर-मस्जिद विवाद शुरू हो गया है। पासी दलित समुदाय और स्थानीय मुस्लिम समुदाय आमने-सामने हैं। तनाव बढ़ने पर प्रशासन ने विवादित इमारत को सील कर दिया है और सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उठे इस विवाद के गहरे राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं। विशेषकर समाजवादी पार्टी के लिए यह मुद्दा एक चुनौती बन गया है।
विवाद क्या है?
पासी समुदाय का दावा है कि यह इमारत 11वीं शताब्दी का प्राचीन किला है, जिसमें भगवान शिव का मंदिर है। इसे राजा कंस पासी ने बनवाया था। लखन आर्मी के नेता सूरज पासी के नेतृत्व में समुदाय ASI जांच और कार्बन डेटिंग की मांग कर रहा है।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह पुरानी मजार और मस्जिद है, जो सदियों से मौजूद है। वक्फ रिकॉर्ड में इसे कब्रिस्तान के रूप में दर्ज किया गया है और पास की मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती रही है। UP News
तनाव कैसे बढ़ा?
विवाद तब और गहराया जब लखन आर्मी के सदस्यों ने मस्जिद में नमाज के जवाब में इमारत के पास हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए मलीहाबाद थाने के SHO सुरेंद्र सिंह भाटी के अनुसार विवादित स्थल सील कर दिया गया है। नमाज और पूजा-पाठ दोनों पर रोक लगा दी गई है। इलाके में PAC की एक कंपनी तैनात की गई है।
राजनीतिक प्रभाव
यह विवाद समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी सिरदर्द बन गया है। सपा मुस्लिम और पासी दोनों समुदायों के बीच फंस गई है। 2024 लोकसभा चुनाव में पासी समुदाय ने बड़े पैमाने पर सपा का समर्थन किया था। मुस्लिम सपा के PDA फॉर्मूले का अहम हिस्सा हैं। क्या यह विवाद मुस्लिम-दलित सामाजिक गठबंधन में दरार ला सकता है जिसकी कोशिसें समाजिक न्याय का दावा करने वाली पार्टियां करती रही हैं।
बीजेपी को इस विवाद से पासी समुदाय को फिर से अपने पाले में लाने का मौका मिला है। पासी यूपी में दलितों का दूसरा सबसे बड़ा उपसमूह है और कुल वोटरों में इनकी आबादी करीब 5% है। मोहनलालगंज (आरक्षित), बाराबंकी और अयोध्या जैसी सीटों पर बीजेपी की हार का एक अहम पासी वोटर्स का दूर होना माना जाता है। मोहनलालगंज और अयोध्या सीट सपा ने जबकि बाराबंकी सीट से कांग्रेस ने जीती थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सपा सांसद आरके चौधरी ने आरोप लगाया कि विवाद के पीछे BJP का हाथ हो सकता है। वहीं, BJP नेता कौशल किशोर ने इसे बेबुनियाद बताया और कहा कि पासी समुदाय सिर्फ राजा कंस पासी से जुड़े किले के संरक्षण की मांग कर रहा है।
प्रशासन ने फिलहाल दोनों पक्षों को किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। UP News
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