उत्तर प्रदेश के गोण्डा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के नेता दिग्विजय सिंह ने प्रशासन की कथित रोक-टोक पर सवाल उठाए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोण्डा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के नेता दिग्विजय सिंह ने प्रशासन की ओर से कथित रोक-टोक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है। दिग्विजय सिंह का आरोप है कि प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अलग-अलग तरह की रोक-टोक की जा रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने की कोशिश लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े करती है।
सपा नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक किसी मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से असहमति जताना और विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने प्रशासन की कथित कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले लोगों को रोकना उचित नहीं है। उनके इस बयान के बाद गोण्डा में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं और रोक-टोक के पीछे क्या कारण बताए गए हैं, इसे लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। UP News :
सपा नेता ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। उनके बयान के बाद प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर जिले की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अब प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता सामने आ रही है। प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच प्रशासन की भूमिका भी चर्चा में है। फिलहाल पूरे मामले में सपा नेता की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष के बीच स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। UP News :
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