
UP News : उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने संगठनात्मक अनुशासन और विचारधारा के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए अपने तीन विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये तीनों विधायक राज्यसभा चुनाव 2024 के दौरान क्रॉस वोटिंग के दोषी पाए गए थे और लंबे समय से पार्टी गतिविधियों से भी दूरी बनाए हुए थे।
सपा ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि पार्टी के सिद्धांतों और वैचारिक दिशा के विरुद्ध काम करने वाले इन जनप्रतिनिधियों के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है। पार्टी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि इन विधायकों को आत्ममंथन और लौटने के लिए 'हृदय परिवर्तन' की एक अवसर-संधि दी गई थी, जिसकी समय-सीमा अब समाप्त हो चुकी है।
अभय सिंह — विधायक, गोशाईगंज
राकेश प्रताप सिंह — विधायक, गौरीगंज
मनोज कुमार पाण्डेय — विधायक, ऊंचाहार
सपा के अनुसार, यह कदम जनहित में और पार्टी की मूल विचारधारा की रक्षा के लिए अनिवार्य हो गया था। बयान में कहा गया है कि साम्प्रदायिकता, विघटनकारी सोच और 'पीडीए विरोधी' मानसिकता का साथ देने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए सपा में कोई स्थान नहीं होगा।
2024 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिसमें समाजवादी पार्टी ने तीन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आठ प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। सपा के सात विधायकों ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी, जबकि एक विधायक ने मतदान में भाग ही नहीं लिया। इससे सपा के उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा था और भाजपा को अतिरिक्त लाभ मिल गया था। चुनाव के बाद इन तीनों विधायकों ने सपा की किसी भी बैठक, कार्यक्रम या संगठनात्मक गतिविधि में भाग नहीं लिया था। अंदरखाने में इनके निष्कासन की चर्चा पहले से थी, और अब पार्टी ने इसे आधिकारिक रूप दे दिया है। UP News