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प्रदेश में चल रहे श्रमिक आंदोलन की लहर अब प्रयागराज तक पहुंच गई है। नोएडा में चल रहे मजदूरों के विरोध का असर यहां भी देखने को मिला, जहां बारा स्थित पावर प्लांट के कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

UP News : उत्तर प्रदेश में चल रहे श्रमिक आंदोलन की लहर अब प्रयागराज तक पहुंच गई है। नोएडा में चल रहे मजदूरों के विरोध का असर यहां भी देखने को मिला, जहां बारा स्थित पावर प्लांट के कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। UP News
बुधवार सुबह करीब 10 बजे पावर प्लांट के अंतर्गत काम कर रहे विभिन्न कंपनियों के मजदूर एकजुट होकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया और अपनी मांगों को लेकर अड़ गए। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से उत्पादन और संचालन प्रभावित हुआ। UP News
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने कई अहम मांगें रखीं। इनमें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का श्रेणीवार भुगतान, महीने में 26 कार्य दिवस और 4 अवकाश, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन, हर महीने 10 तारीख तक भुगतान, वेतन पर्ची की अनिवार्यता, सालाना 21 दिन अतिरिक्त अवकाश, तथा एक सप्ताह के भीतर पीएफ और ईएसआईसी कार्ड उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा मजदूरों ने यह भी मांग की कि हड़ताल में शामिल किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। UP News
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों से बातचीत की। लगभग चार घंटे तक चली इस बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारियों और उपजिलाधिकारी ने मजदूरों की मांगों को जायज बताते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया। UP News
प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि मजदूरों की सभी प्रमुख मांगें एक सप्ताह के भीतर पूरी कर दी जाएंगी। इस भरोसे के बाद मजदूरों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और कामकाज धीरे-धीरे सामान्य होने लगा। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई थानों की पुलिस, एसीपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मजदूरों की मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो इस तरह के आंदोलन प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी फैल सकते हैं। इससे सरकार और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।UP News
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