उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में मौसम का कहर, 11 की मौत
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आंधी, तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने 25 से ज्यादा जिलों में भारी तबाही मचाई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। बेमौसम बारिश से गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आंधी, तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की सालभर की मेहनत दांव पर लग गई है। खेतों में खड़ी फसलों पर बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने काफी नुकसान पहुंचाया। किसान इसी कारण काफी दुखी हैं।
गेहूं और सरसों की फसल पर सबसे ज्यादा असर
तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल कई जगहों पर जमीन पर गिर गई है। पकने के करीब पहुंच चुकी फसल को बड़ा झटका लगा है। कटाई से पहले ही उत्पादन घटने की आशंका किसानों को खाए जा रही है। सरसों की फसल भी तेज हवा और बारिश से काफी प्रभावित हुई है।सब्जी उत्पादकों की बढ़ी परेशानबारिश का पानी खेतों में भर जाने से सब्जियों की फसल पर भी बुरा असर पड़ा है।
खेतों में जलभराव से पौधे खराब हो रहे
खेतों में जलभराव से पौधे खराब हो रहे हैं। हरी सब्जियों की गुणवत्ता घटने का खतरा काफी बढ़ गया है। बाजार में सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है। स्थानीय किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। जिन फसलों की कटाई होने वाली थी, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, अगर मौसम ऐसा ही रहा तो नुकसान और बढगा।
UP News : उत्तर प्रदेश में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने 25 से ज्यादा जिलों में भारी तबाही मचाई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। बेमौसम बारिश से गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आंधी, तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की सालभर की मेहनत दांव पर लग गई है। खेतों में खड़ी फसलों पर बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने काफी नुकसान पहुंचाया। किसान इसी कारण काफी दुखी हैं।
गेहूं और सरसों की फसल पर सबसे ज्यादा असर
तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल कई जगहों पर जमीन पर गिर गई है। पकने के करीब पहुंच चुकी फसल को बड़ा झटका लगा है। कटाई से पहले ही उत्पादन घटने की आशंका किसानों को खाए जा रही है। सरसों की फसल भी तेज हवा और बारिश से काफी प्रभावित हुई है।सब्जी उत्पादकों की बढ़ी परेशानबारिश का पानी खेतों में भर जाने से सब्जियों की फसल पर भी बुरा असर पड़ा है।
खेतों में जलभराव से पौधे खराब हो रहे
खेतों में जलभराव से पौधे खराब हो रहे हैं। हरी सब्जियों की गुणवत्ता घटने का खतरा काफी बढ़ गया है। बाजार में सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है। स्थानीय किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। जिन फसलों की कटाई होने वाली थी, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, अगर मौसम ऐसा ही रहा तो नुकसान और बढगा।












