
Special Story: Getting rid of stray animals and irrigation is also cheaper[/caption]
ग्लोबल वार्मिंग से भी मिलेगी निजात
शैलेंद्र सिंह ने कहा कि रिसर्च के दौरान तो इसे तैयार करने में तो ज्यादा लागत आई है लेकिन सरकार अगर इसको बड़े पैमाने पर तैयार कराए तो करीब डेढ़ से दो लाख तक ही आएगी। वहीं सब्सिडी के तहत उपलब्ध करा दे तो किसानों को यह महज 50 से 60 हजार में ही मिल जाएगा। जो किसी वरदान से कम नहीं होगा। शैलेंद्र ने बताया कि जो नंदी आज के दौर में किसानों के लिए अभिशाप हो गई हैं। वही नंदी रथ बिना बिजली और डीजल के सिंचाई कर रहा है। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि आज जो पूरा विश्व वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैसों (मीथेन, कार्बन डाय ऑक्साइड, ऑक्साइड और क्लोरो-फ्लूरो-कार्बन) के बढ़ने के कारण से परेशान है उससे भी निजात मिलेगी।
[caption id="attachment_73321" align="aligncenter" width="1080"]
Special Story: Getting rid of stray animals and irrigation is also cheaper[/caption]
Special Story: Getting rid of stray animals and irrigation is also cheaper[/caption]
कहीं भी आसानी से लेकर जा सकते हैं नंदी रथ
बता दें कि पीएम मोदी और सीएम भी आवारा पशुओं से किसानों निजात दिलाने का दावा करते हैं। वहीं इसके लिए गौ आश्रय केंद्र भी बनाए गए हैं जिसके लिए सरकार प्रति वर्ष बजट भी जारी करती है। लेकिन अगर नंदी रथ पर सरकार ध्यान दे तो इसकी मदद से इस बड़ी समस्या से निजात तो मिलेगी ही साथ ही किसानों के लिए भी काफी हद तक मददगार साबित होगा। आइए अब जिस उद्देश्य से नंदी रथ तैयार किया गया है उसकी विशेषताओं के बारे में जानने की कोशिश करते हैं। दरअसल, यहां सिंचाई पशुओं से संचालित की जाती है। इसमें एयरबॉक्स, पंप और खुद का ही डिजाइन किया गया समरसेबिल है। वहीं इसे बैल गाड़ी के रूप में तैयार किया गया है। जिसे कहीं भी आसानी से लेकर जा सकते हैं। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से किसी इसका उपयोग भी कर सकते हैं। इस नंदी रथ पर पशुओं को खड़ा कर दिया जाता है फिर उनके चलने से पर्याप्त बिजली उत्पन्न होने लगती है। जिसके बाद पानी निकलने लगता है।
संदीप तिवारी