Special Story : अमेरिका से आजमगढ़ ले आई पुरखों से मिलने की तड़प
Special Story: Yearning to meet ancestors brought Azamgarh from America
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:16 PM
Special Story : अपनों से मिलने की तड़प आदमी को सात समुंदर पार भी ले जाती है। अगर दिल से कोशिश करे तो कामयाबी भी मिल जाती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है अमेरिका निवासी डेविड कैनन और उनकी पत्नी लीना ने। डेविड बीते कई वर्षों से अपने पूर्वजों से मिलने के लिए तड़प रहे थे। आखिरकार उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और पुरखों की धरती को तलाश करते हुए उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र स्थित कर्मनाथ पट्टी गांव पहुंचे। डेविड अपने परिवार के लोगों से मिलकर भावुक हो गए। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।
Special Story :
सम्मान और प्यार से बेहद खुश हुए डेविड
पूर्वजों से मिलकर बेहद खुश नजर आ रहे डेविड कैनन ने कहा कि मेरे लिए हमारे पूर्वजों की धरती किसी तीर्थ से कम नहीं है। मैं यहां आकर बहुत खुश हूं। यहां मुझे अपने पूवर्जों की सुगंध मिल रही है। मुझे यहां बहुत सम्मान और प्यार मिल रहा है। अब मैं इन लोगों के संपर्क में हमेशा रहना पसंद करूंगा। परिवार के लोगों ने डेविड और लीना का फूल-मालाओं से स्वागत किया। दोनों को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। हिंदी नहीं बोल पाने वाले डेविड ने सभी का अभिवादन किया।
डेविड की माता से मिले थे पीएम मोदी
दरअसल, 1907 में रामखेलावन मौर्य पुत्र टहल निवासी ग्राम मारा कर्मनाथ पट्टी थाना रौनापार तहसील सगड़ी गिरमिटिया मजदूर के रूप में विदेश गए थे। वह कोलकाता से त्रिनिदाद और टोबैगो में रगए फिर अमेरिका चले गए। उनकी चौथी पीढ़ी के डेविड अपनी पत्नी लीना के साथ गांव आए। ग्राम प्रधान रामबचन यादव सहित ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों को बड़ी खुशी हुई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका गए थे तो वहीं डेविड की माता से मुलाकात एनआरआई के रूप में हुई थी।
कड़ी से कड़ी जुड़ती गई
जयपुर से आए डेविड के दोस्त आयुष ने बताया कि 1907 में इनके पूर्वज रामखेलावन काम के सिलसिले में गांव से गए थे। कोलकाता प्रवास पत्र बनाया गया था। वह प्रवास पत्र खोजा गया और भारतीय दूतावास के पास यहां के सबूत पेश किए गए और भारतीय दूतावास द्वारा यहां लाया गया। जयपुर से आए डेविड के एक अन्य मित्र संजय सिंह हीरापट्टी ने बताया कि उनके भाई विनोद सिंह अमेरिका में रहते हैं। विनोद सिंह की मुलाकात डेविड की माता मार्लिन से हुई। बातचीत के दौरान पता चला कि यह भारत के उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ सगड़ी के मूल निवासी हैं। तब हमने डेविड को उसके परिवार से मिलाने की ठानी और उसके घर का पता ढूंढ़ने के लिए खूब रिसर्च की।
काफी मशक्कत के बाद मिला घर का पता
लेखपाल त्रिभुवन यादव ने बताया कि हम लोगों ने लगातार दो दिन राम खेलावन मौर्य के जमीन और निवास की तलाश की। हमें 1901 के दस्तावेज से इनका नाम मिला और अगल-बगल के नामों से मिलान किया गया तो सही पाया गया। सगड़ी तहसील क्षेत्र स्थित रौनापार थाना क्षेत्र के मारा कर्मनाथ पट्टी गांव में अपने पूर्वजों के घर जाने के लिए डेविड कैनन, लीना अपने सहयोगी आयुष जयपुर और संजय सिंह हीरापट्टी के साथ रौनापार थाना पहुंचे। वहां से उपनिरीक्षक मधुसूदन चौरसिया पुलिस के साथ लेकर उन्हें गांव पहुंचे। डेविड पुत्र डेविड रोस्टेड सुपरसेंट और उनके पिता का नाम रामप्रसाद और रामप्रसाद के पिता का नाम रामखेलावन बताया जा रहा है।
सैय्यद अबू साद