योगी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों की ग्रेच्युटी में होगी बंपर बढ़ोतरी

योगी सरकार ने इन कर्मचारियों की अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने पर सहमति दे दी है। यानी अब उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षक-कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय राज्यकर्मियों की तर्ज पर बढ़ी हुई ग्रेच्युटी का लाभ पा सकेंगे, जिससे रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 09:30 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार ने राज्य के एडेड और परिषदीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक फायदा देने का फैसला किया योगी सरकार ने इन कर्मचारियों की अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने पर सहमति दे दी है। यानी अब उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षक-कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय राज्यकर्मियों की तर्ज पर बढ़ी हुई ग्रेच्युटी का लाभ पा सकेंगे, जिससे रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।

लंबे समय से उठ रही थी बराबरी की मांग

उत्तर प्रदेश में दो जुलाई 2024 को राज्यकर्मियों की ग्रेच्युटी सीमा 25 लाख रुपये तक बढ़ाई गई थी। इसके बाद से ही माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी भी अपनी ग्रेच्युटी को राज्यकर्मियों के बराबर करने की मांग कर रहे थे। अब इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य में एडेड और परिषदीय माध्यमिक विद्यालयों में ढाई लाख से अधिक शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे में यह फैसला बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाने वाला माना जा रहा है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बनाया प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सहायता प्राप्त अशासकीय (एडेड) और परिषदीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मियों की अधिकतम ग्रेच्युटी 25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया है। विभागीय स्तर पर अंतिम रूप देने के बाद इसे औपचारिक तौर पर वित्त विभाग को भेजा जा रहा है। प्रस्ताव लागू होने पर उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा सेक्टर में सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली आर्थिक सहायता मजबूत होगी और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

फिक्स्ड-टर्म कर्मियों के लिए नियमों में बदलाव की चर्चा

इसी बीच श्रम कानूनों में बदलाव के बाद ग्रेच्युटी को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। नए प्रावधानों के अनुसार फिक्स्ड-टर्म (निश्चित अवधि के अनुबंध पर काम करने वाले) कर्मचारियों को कम समय में भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकता है। फिक्स्ड-टर्म नौकरी में नियुक्ति की अवधि पहले से तय होती है—जैसे 1 साल या 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट। ऐसे मामलों में यदि कर्मचारी ने लगातार कम से कम 240 दिन काम किया है, तो अनुबंध समाप्त होने पर उसे अनुपातिक (प्रो-राटा) आधार पर ग्रेच्युटी दिए जाने का प्रावधान बताया जा रहा है। हालांकि, स्थायी कर्मचारियों के लिए पाँच साल की सेवा की शर्त यथावत लागू रहती है।

उत्तर प्रदेश में क्या बदलेगा?

योगी सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय सीधे तौर पर अधिक लाभ मिलेगा। खासकर उन परिवारों के लिए यह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी बड़ी आर्थिक सुरक्षा बनेगी, जो रिटायरमेंट के बाद इलाज, बच्चों की पढ़ाई, या घरेलू जिम्मेदारियों के लिए इसी राशि पर निर्भर रहते हैं। UP Newsहै।

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सिंगापुर में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी बोले

मुख्यमंत्री योगी ने प्रवासी भारतीयों द्वारा मातृभूमि के प्रति दिखाए जाने वाले लगाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी दूर रहकर भी जो अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव रखते हैं, वह हम सबको भारत के विकास के लिए कुछ कर गुजरने का नया उत्साह पैदा करता है।

Chief Minister Yogi Adityanath
सिंगापुर में योगी ने गूंजाया उत्तर प्रदेश का डंका (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar23 Feb 2026 08:27 PM
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UP CM Yogi Adityanath Singapore: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के अपने दौरे पर भारतीय प्रवासियों (इंडियन डायस्पोरा) को संबोधित करते हुए एक आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नया भारत आज वैश्विक मंच पर अपनी ताकत दिखा रहा है और देश बहुत शीघ्र दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। सीएम योगी सोमवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित कर रहे थे।

मातृभूमि के प्रति लगाव को किया सम्मानित

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रवासी भारतीयों द्वारा मातृभूमि के प्रति दिखाए जाने वाले लगाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी दूर रहकर भी जो अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव रखते हैं, वह हम सबको भारत के विकास के लिए कुछ कर गुजरने का नया उत्साह पैदा करता है। संस्कृत के श्लोक 'दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्' का हवाला देते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत में जन्म लेना और मनुष्य के रूप में जन्म लेना बहुत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि उन्होंने या उनके पूर्वजों ने भारत की धरती पर जन्म लिया है।

'वसुधैव कुटुम्बकम' की परिकल्पना

मुख्यमंत्री ने 'ग्लोबल विलेज' की सनातनी परिकल्पना पर प्रकाश डालते हुए 'वसुधैव कुटुम्बकम' का उल्लेख किया। उन्होंने श्लोक 'अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्' का हवाला देते हुए कहा कि पूरी दुनिया एक परिवार की तरह है, जहां भेदभाव नहीं होता। यह भावना हजारों वर्षों से हर भारतवासी की रही है।

डिजिटल इंडिया और एआई समिट की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति पर टिप्पणी करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 11 वर्ष पहले कोई सोच नहीं सकता था कि भारत डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम की बात करेगा, लेकिन आज भारत ने इसे करके दिखाया है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का जिक्र किया, जहां 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

उत्तर प्रदेश में बदलती तस्वीर: अव्यवस्था से विकास की ओर

सिंगापुर में यूपी के विकास को रेखांकित करते हुए योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले प्रदेश में अव्यवस्था, दंगे और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन आज पीएम मोदी की 'विजनरी लीडरशिप' में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

विरासत और विकास का संगम

मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या, काशी और मथुरा के संदर्भ में कहा कि यूपी में विरासत और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण भारत की मर्यादा का एहसास कराता है, तो काशी विश्वनाथ धाम भारत की शाश्वत चेतना का जीवंत उदाहरण है। वहीं, मथुरा-वृंदावन भक्ति और समरसता का प्रतीक बनकर उभरा है।

महाकुंभ में दिखी समरसता, आलोचकों को जवाब

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए उन आलोचकों को जवाब दिया जो भारत में भेदभाव की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि जब 66 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में बिना किसी भेदभाव के सर्दी के बावजूद आस्था की डुबकी लगाते हैं, तो वह 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करता है। UP CM Yogi Adityanath Singapore

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अलंकार अग्निहोत्री ने वृंदावन से नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की, नाम और चुनाव चिन्ह जारी

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी सेवा से इस्तीफा देने के बाद औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने आध्यात्मिक नगरी वृंदावन से अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करते हुए सार्वजनिक जीवन में एक नई पारी की शुरुआत की।

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पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीति में प्रवेश कर लिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 06:22 PM
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UP News : बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी सेवा से इस्तीफा देने के बाद औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने आध्यात्मिक नगरी वृंदावन से अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करते हुए सार्वजनिक जीवन में एक नई पारी की शुरुआत की। उनकी पार्टी का नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा रखा गया है, और इसके साथ ही पार्टी का चुनाव चिन्ह भी जारी कर दिया गया है।

इस्तीफे से राजनीति तक का सफर

अलंकार अग्निहोत्री उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनका इस्तीफा कुछ प्रमुख वैचारिक और धार्मिक मुद्दों से जुड़ा बताया गया। विशेष रूप से यूजीसी एक्ट को लेकर उठे विवाद और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से संबंधित कथित अपमान प्रकरण ने इस निर्णय को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। उनका कहना था कि जिन मूल्यों और सिद्धांतों में वे विश्वास करते हैं, उनके अनुरूप कार्य करना उनके लिए प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत उन्होंने प्रशासनिक सेवा छोड़कर सीधे जनसेवा और वैचारिक राजनीति का मार्ग चुना।

वृंदावन से घोषणा का प्रतीकात्मक महत्व

पार्टी की घोषणा के लिए वृंदावन का चयन महज संयोग नहीं माना जा रहा। यह शहर भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है और हिंदू आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से राजनीतिक हुंकार भरकर अग्निहोत्री ने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल से शुरुआत करना उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे एक विशेष वर्ग के मतदाताओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाया जा सके।

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का संभावित एजेंडा

हालांकि पार्टी का विस्तृत घोषणा पत्र अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन नाम से स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह संगठन नागरिक अधिकारों, सांस्कृतिक अस्मिता और वैचारिक मुद्दों को प्रमुखता दे सकता है। संभावना है कि पार्टी शिक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, प्रशासनिक पारदर्शिता और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को अपने एजेंडे में शामिल करे।

उत्तर प्रदेश की राजनीति पर असर

उत्तर प्रदेश की राजनीति पहले से ही बहुदलीय प्रतिस्पर्धा से भरी हुई है। ऐसे में एक नए राजनीतिक दल का गठन समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, खासकर यदि वह किसी विशेष वैचारिक आधार पर समर्थकों को संगठित करने में सफल रहता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा संगठनात्मक ढांचा कितनी तेजी से खड़ा कर पाता है और आगामी चुनावों में किस स्तर पर भागीदारी करता है। कुल मिलाकर, अलंकार अग्निहोत्री का प्रशासनिक सेवा से राजनीति की ओर कदम बढ़ाना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। वृंदावन से नई पार्टी की शुरुआत ने इस कदम को और भी प्रतीकात्मक बना दिया है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि उनकी यह पहल प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में कितनी प्रभावी भूमिका निभा पाती है। UP News


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