बरेली में कानून के रखवाले पर हुआ हमला, मुकदमा दर्ज

पीड़ित अधिवक्ता अख्तर अली का कहना है कि उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज पढ़ने से इनकार किया था, जिसके बाद 50 से अधिक लोग उनके घर में बने चैंबर में घुस आए, गाली-गलौज की और मारपीट की।

बरेली में अधिवक्ता पर कथित हमला
बरेली में अधिवक्ता पर कथित हमला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 12:32 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्तिथ हाफिजगंज थाना क्षेत्र के सेंथल कस्बे में एक वकील पर नमाज से जुड़े विवाद को लेकर हमला किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित अधिवक्ता अख्तर अली का कहना है कि उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज पढ़ने से इनकार किया था, जिसके बाद 50 से अधिक लोग उनके घर में बने चैंबर में घुस आए, गाली-गलौज की और मारपीट की।

नमाज विवाद बना वजह

पीड़ित के मुताबिक, रविवार शाम वह अपने घर पर बने चैंबर में बैठकर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक बड़ी भीड़ अचानक वहां पहुंची और गाली-गलौज करते हुए चैंबर में घुस गई। आरोप है कि इसके बाद उन्हें घेरकर पीटा गया। वकील का कहना है कि हमले की वजह नमाज़ से जुड़ा वही विवाद था, जिसमें उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज़ पढ़ने से मना कर दिया था। अख्तर अली ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने उनका गला दबाने की कोशिश की। शोर सुनकर आसपास के कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया, तब कहीं जाकर वह बच पाए। पीड़ित का दावा है कि हमलावरों ने धमकी दी कि “आगे बात नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा।” इतना ही नहीं, चैंबर में रखी जरूरी फाइलें और दस्तावेज भी कथित तौर पर फाड़े गए और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया। पीड़ित के अनुसार, चैंबर में आग लगाने की धमकी भी दी गई, जिससे परिवार में डर का माहौल बन गया। वकील ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है।

4 नामजद समेत 54 पर केस दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर हाफिजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस केस में 4 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 50 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में भूरा उर्फ इरफान मियां, वसीम मनीदार, दानिश और मौलाना खुर्शीद के नाम शामिल बताए गए हैं। UP News

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प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन की लेकर आ गई बड़ी अपडेट, भक्तजन जान लें

परिकर ने स्पष्ट किया है कि इन दिनों आश्रम में प्रवेश केवल महाराज जी से दीक्षित परिकर तक सीमित रहेगा, यानी सामान्य श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी। परिकर के मुताबिक टोकन लाइन 11 मार्च 2026 से रोक दी जाएगी, जबकि 18 मार्च से लाइन दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है।

प्रेमानंद जी महाराज
प्रेमानंद जी महाराज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 12:02 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर मथुरा जिले के वृंदावन से प्रेमानंद महाराज के भक्तों के लिए आई है। उत्तर प्रदेश के ब्रजभूमि की आध्यात्मिक पहचान बन चुके प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन के लिए न सिर्फ देशभर से, बल्कि विदेशों से भी हजारों भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। लेकिन होली के बाद आश्रम की दर्शन-व्यवस्था में बदलाव को लेकर एक ऐसी सूचना जारी हुई है, जिसे जाने बिना अगर आप यात्रा पर निकल पड़े, तो टोकन और दर्शन दोनों में परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

इस कारण नहीं मिलेंगे टोकन

आश्रम प्रबंधन (परिकर) की ओर से जारी ताजा सूचना के अनुसार 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक पूज्य गुरुदेव का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी आयोजन की वजह से इस पूरे सप्ताह दर्शन और एकांतिक वार्तालाप के लिए टोकन वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। परिकर ने स्पष्ट किया है कि इन दिनों आश्रम में प्रवेश केवल महाराज जी से दीक्षित परिकर तक सीमित रहेगा, यानी सामान्य श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी। परिकर के मुताबिक टोकन लाइन 11 मार्च 2026 से रोक दी जाएगी, जबकि 18 मार्च से लाइन दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि नियमित दर्शन 19 मार्च के बाद ही सामान्य रूप से संभव होंगे। ऐसे में होली के बाद वृंदावन आने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए ये तारीखें ‘ट्रैवल प्लान’ तय करने वाली साबित होंगी, वरना भीड़ के बीच पहुंचकर भी टोकन न मिलने की स्थिति बन सकती है। उत्तर प्रदेश के ब्रज मंडल में 3 और 4 मार्च को होली और उसके बाद हुरंग जैसे आयोजनों के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में अगर कोई भक्त बरसाना/वृंदावन की होली देखने के बाद प्रेमानंद महाराज के दर्शन भी करना चाहता है, तो परिकर की सूचना के मुताबिक 5 मार्च से 10 मार्च 2026 तक का समय उपयोगी हो सकता है। इसके बाद टोकन व्यवस्था बंद होने के कारण भक्तों को कम से कम एक सप्ताह प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।

दुनियाभर में प्रसिद्ध है ब्रज की होली 

उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र अपनी अनूठी होली परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। रंगभरनी एकादशी से ही वृंदावन समेत पूरे ब्रज में गुलाल और रंगों की होली शुरू हो जाती है, जो धुलेंडी तक चलती है। इसके बाद नंदगांव सहित कई गांवों में हुरंग के आयोजन होते हैं। वहीं होली की रात फालैन में जलती होली से गुजरने की परंपरा भी लोगों को आकर्षित करती है, जिसे देखने दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। UP News

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‘हथियार लेकर रौब ...' लखनऊ मर्डर केस में पड़ोसियों ने बताई अंदर की बात

उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं।

लखनऊ मर्डर केस में आया नया एंगल
लखनऊ मर्डर केस में आया नया एंगल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 11:08 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया है। नीट की तैयारी कर रहा युवक अक्षत अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, युवक ने लाइसेंसी बंदूक से पिता को गोली मारी, फिर शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए। जैसे-जैसे केस की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे मोहल्ले से भी चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि अक्षत अक्सर घर में पिता की बंदूक लेकर घूमता दिखाई देता था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह कई बार बंदूक के पार्ट खोलकर सफाई करता और निशाना साधने की कोशिश करता था। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि वह कभी-कभी कार में भी बंदूक लेकर बाहर निकल जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके इस व्यवहार से मोहल्ले के बच्चे तक सहमे रहते थे और उससे दूरी बनाकर रखते थे।

20 फरवरी से लापता थे मानवेंद्र

पुलिस के अनुसार, लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता बताए गए थे। उसी दिन उनके बेटे अक्षत ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

आरोपी ने पुलिस को बताया था कि 20 फरवरी सुबह करीब 6 बजे पिता ने उसे जगाकर कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और 21 फरवरी दोपहर तक लौट आएंगे। इसके बाद उनके तीनों मोबाइल बंद हो गए और वे वापस नहीं आए। गुमशुदगी के बाद पुलिस ने मानवेंद्र सिंह की तलाश शुरू की। जांच में उनका आखिरी मोबाइल लोकेशन काकोरी की ओर मिला, लेकिन मोबाइल वहां बरामद नहीं हुआ। इसी दौरान पुलिस का शक बेटे पर बढ़ने लगा। पूछताछ शुरू हुई तो आरोपी लगातार बयान बदलता रहापहले उसने अलग कहानी सुनाई, फिर कहा कि पिता ने आत्महत्या की, और आखिर में कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी सुबह करीब 4:30 बजे पिता से विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो उसने लाइसेंसी बंदूक उठाकर पिता के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को तीसरे फ्लोर से नीचे एक खाली कमरे में लाया और टुकड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक, कुछ हिस्सों को कार में रखकर वह बाहर सदरौना इलाके की तरफ फेंक आया और बाकी हिस्से नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिए।

‘नीला ड्रम’ बना सबसे बड़ा सबूत

पुलिस का कहना है कि आरोपी आगे भी शव के बाकी हिस्से ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही मामला खुल गया। सोमवार शाम पुलिस अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में रखा ड्रम खोलने पर मानवेंद्र सिंह का आधा कटा शव बरामद हुआ। पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने वारदात के बाद कार की सफाई भी की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की बहन घर में मौजूद थी, लेकिन डर के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। पुलिस इस एंगल से भी पूछताछ कर रही है कि घटना के बाद घर के भीतर क्या-क्या हुआ और कौन-कौन कब तक अनजान बना रहा। पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, गोली सिर में लगने की वजह से शव की हालत बेहद खराब थी और कमरे में खून फैला था। मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके पिता यूपी पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र की पत्नी का करीब एक साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में आरोपी बेटा अक्षत और 11वीं में पढ़ने वाली बेटी है। मानवेंद्र का छोटा भाई भी उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत बताया जा रहा है। UP News

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