उत्तर प्रदेश के 13 शहरों में 30 ग्रीनफील्ड टाउनशिप से बदलेगा विकास का मॉडल

प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद राज्य के 13 प्रमुख शहरों में 30 ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है।

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ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की योजना
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 06:54 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद राज्य के 13 प्रमुख शहरों में 30 ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है, जिसका लक्ष्य छोटे और मध्यम शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है।

13 शहरों में बसेंगी आधुनिक टाउनशिप

इस योजना के तहत जिन शहरों को चुना गया है, उनमें शामिल हैं उनमें अलीगढ़, मेरठ, झांसी, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, कानपुर, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, बांदा, अयोध्या, रामपुर और सहारनपुर। इन सभी शहरों में आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं से युक्त टाउनशिप विकसित की जाएंगी।

हर टाउनशिप में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

प्रत्येक टाउनशिप कम से कम 12.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें शामिल होंगे:

* आधुनिक आवासीय परिसर

* शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मार्केट

* स्कूल और अस्पताल

* सामुदायिक केंद्र और पार्क

सरकार का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि पूरी तरह योजनाबद्ध और आत्मनिर्भर शहरी क्षेत्र तैयार करना है।

तेजी से शुरू होगा निर्माण कार्य

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई टाउनशिप्स का काम तय समयसीमा के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जल्द से जल्द लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस योजना से न केवल आवासीय समस्या का समाधान होगा, बल्कि बड़े स्तर पर रोजगार भी पैदा होंगे। निर्माण कार्यों में हजारों नौकरियां, सीमेंट, स्टील और रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा व स्थानीय स्तर पर व्यापार और सेवाओं का विस्तार होगा। उत्तर प्रदेश की यह टाउनशिप योजना राज्य के शहरी विकास को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है। अगर यह प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा होता है, तो आने वाले वर्षों में छोटे शहर भी बड़े महानगरों की तरह विकसित होते नजर आएंगे।



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प्रदेश के बरेली में शहरी विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) शहर में दो नई आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी में जुट गया है। इन परियोजनाओं के लिए सरकार ने करीब 150 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिससे आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा और शहर का दायरा भी बढ़ेगा।

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आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 05:56 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली में शहरी विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) शहर में दो नई आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी में जुट गया है। इन परियोजनाओं के लिए सरकार ने करीब 150 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिससे आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा और शहर का दायरा भी बढ़ेगा।

150 करोड़ के बजट से तैयार होगी नई आवासीय योजनाएं

यह परियोजना मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लागू की जा रही है। प्रदेश के आठ शहरों को कुल 425 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें बरेली को अहम हिस्सेदारी मिली है। इस बजट का उपयोग जमीन अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे के निर्माण और आधुनिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।

12 गांवों में सर्वे और भूमि अधिग्रहण तेज

बीडीए ने टाउनशिप विकसित करने के लिए करीब 12 गांवों को चिन्हित किया है, जहां सर्वे का काम तेजी से जारी है। इनमें प्रमुख रूप से:

* आसपुर खूबचंद

* अडूपुरा जागीर

* अहिलादपुर

* बरकापुर

* कुम्हरा

* कलापुर

* मोहरनियां

* नवदिया कुर्मियान

* हरहरपुर

इन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि परियोजना जल्द शुरू हो सके।

267 हेक्टेयर में बसेंगी आधुनिक टाउनशिप

योजना के तहत करीब 267 हेक्टेयर क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी। लोकेशन का चयन रणनीतिक तरीके से किया गया है।

दिल्ली-लखनऊ बाइपास के आसपास तथा पीलीभीत बाइपास के नजदीक बनेगा। इससे शहर के साथ बेहतर कनेक्टिविटी बनी रहेगी और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

बीडीए की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति

हाल ही में बीडीए ने रामगंगा नगर योजना और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी से करीब 140 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस सफलता के बाद प्राधिकरण अब नई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। सरकार की ओर से यह फंड अधिकतम 20 वर्षों के लिए उपलब्ध कराया गया है, ताकि जमीन खरीद और निर्माण कार्य में किसी तरह की आर्थिक बाधा न आए।

अधिकारियों के मुताबिक, यह परियोजना प्राथमिकता में है और इसे जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की योजना है। बरेली में प्रस्तावित ये दो नई टाउनशिप न सिर्फ शहर के विस्तार को नई दिशा देंगी, बल्कि लोगों को बेहतर और आधुनिक जीवनशैली भी प्रदान करेंगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना बरेली को एक संगठित और स्मार्ट शहर के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।



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दिल्ली-नोएडा-जेवर कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव : नया एलिवेटेड रोड देगा जाम से राहत

दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने एक ऐसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जो आने वाले समय में ट्रैफिक की तस्वीर बदल सकता है।

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नया एलिवेटेड रोड
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Mar 2026 05:35 PM
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UP News : दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने एक ऐसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जो आने वाले समय में ट्रैफिक की तस्वीर बदल सकता है। इस योजना के तहत नया एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो मौजूदा सड़कों के साथ मिलकर एक सुगम और बिना रुकावट वाला नेटवर्क तैयार करेगा।

कहां बनेगा नया एलिवेटेड रोड?

प्रस्तावित योजना के मुताबिक यह एलिवेटेड रोड महामाया फ्लाईओवर से शुरू होकर सेक्टर-94 तक जाएगा। इसकी खासियत यह है कि इसे पहले से बन रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे एक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे पर उतरने या बार-बार सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कालिंदी कुंज और महामाया के बीच ट्रैफिक दबाव कम होगा। सफर का समय लगभग 15-20 मिनट तक घट सकता है। दिल्ली से नोएडा का आवागमन ज्यादा आसान होगा साथ ही दिल्ली से नोएडा तक रोजाना आने-जाने वालों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित होगा।

सेक्टर-38 के पास बनेगा खास रैंप

योजना में सेक्टर-38 के सामने एक आधुनिक रैंप बनाने का भी प्रस्ताव है। यह रैंप सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरते हुए सेक्टर-94 को जोड़ेगा। इससे वाहन बिना मुख्य एक्सप्रेसवे पर उतरे सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। प्रोजेक्ट का दायरा सिर्फ एलिवेटेड रोड तक सीमित नहीं है। सेक्टर-94 से सेक्टर-150 तक यमुना किनारे 6-लेन एक्सप्रेसवे बनाने की भी योजना है। इससे

सेक्टर 125, 126 और 127 जैसे आईटी हब को सीधा फायदा। छात्रों और कर्मचारियों का सफर आसान भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों पर दबाव कम होगा।

जेवर एयरपोर्ट के लिए बनेगा सुपरफास्ट कनेक्शन

इस पूरी योजना का सबसे बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगा। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी, ऐसे में यह नया रोड नेटवर्क दिल्ली से जेवर तक सफर को तेज और सुगम बनाएगा। प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। तकनीकी जांच के लिए इसे आईआईटी भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य जमीन पर उतर जाएगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अगर योजना समय पर पूरी होती है, तो दिल्ली-नोएडा-जेवर के बीच यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।


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