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प्रदेश के हरदोई जिले में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए एक बयान ने अचानक राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया। मंच से कही गई बात ने न सिर्फ सियासत में हलचल पैदा की, बल्कि धार्मिक आस्था को लेकर भी नई बहस छेड़ दी।

UP News : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए एक बयान ने अचानक राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया। मंच से कही गई बात ने न सिर्फ सियासत में हलचल पैदा की, बल्कि धार्मिक आस्था को लेकर भी नई बहस छेड़ दी।
गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से पारंपरिक पूजा-पद्धतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पत्थरों की पूजा छोड़कर देश और प्रदेश का नेतृत्व कर रहे लोगों को सम्मान देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए उन्हें आज के समय का वास्तविक नेतृत्व बताया, जिससे विवाद और गहरा गया।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कई बड़े नेता मौजूद थे। मंच पर केंद्रीय मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे, लेकिन विधायक के बयान ने कार्यक्रम की दिशा ही बदल दी और चर्चा का केंद्र बन गया।
अपने संबोधन में विधायक ने समाज में फैले अंधविश्वास और कर्मकांड को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर परंपराओं में उलझे रहते हैं, जबकि उन्हें विकास और नेतृत्व की दिशा में सोचने की जरूरत है। हालांकि, उनके इस तर्क को कई लोगों ने आस्था पर टिप्पणी के रूप में देखा।
बयान के बाद जब विवाद बढ़ा और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया आने लगी, तो विधायक ने मीडिया के सामने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से लिया गया है और यह उनका निजी मत था। उनका उद्देश्य केवल समाज को अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश देना था, न कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना। घटना के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोग इसे बेबाक बयान बता रहे हैं, तो कई इसे धार्मिक मयार्दाओं के खिलाफ मान रहे हैं। फिलहाल यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है।
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