
UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की करछना तहसील स्थित इसौटा गांव में उपजे बवाल ने राज्य की कानून व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। रविवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की करछना तहसील स्थित इसौटा गांव में भड़की हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी सख्ती के साथ एक्शन मोड में आ गई है। आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाओं के बाद अब बवाल में शामिल उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल से बरामद 42 लावारिस बाइकें इस बात का संकेत हैं कि उपद्रव की साजिश पहले से रची गई थी और उपद्रवी योजनाबद्ध तरीके से पहुंचे थे।
घटना स्थल पर पुलिस को 42 लावारिस मोटरसाइकिलें मिलीं, जिन्हें सीज कर लिया गया है। आशंका है कि ये वाहन उन उपद्रवियों के हैं जो पुलिस की कार्रवाई के दौरान बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गए। अब इन बाइकों की नंबर प्लेट के आधार पर मालिकों की पहचान की जा रही है। संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) अजयपाल शर्मा ने बताया कि वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर उपद्रवियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, और आगे की छापेमारी भी जारी है।
आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने हिंसा में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक पूरे समय सर्किट हाउस में शांतिपूर्ण तरीके से बैठे रहे और जो लोग हिंसा में शामिल थे, उनका उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह पूरी घटना रविवार की है जब सांसद चंद्रशेखर आज़ाद एक दलित व्यक्ति के परिवार से मिलने के लिए इसौटा गांव जा रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें गांव में प्रवेश करने से रोक दिया और हिरासत में लेकर सर्किट हाउस भेज दिया। इसके बाद उनके समर्थक उग्र हो गए और बड़ी संख्या में गांव में जुटकर हिंसा पर उतर आए।
उपद्रवियों ने पुलिस की तीन गाड़ियों समेत कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया, कुछ बाइकें जला दी गईं और पुलिस पर जमकर पथराव किया। इस हिंसा में चौकी प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। आम लोग भी इस झड़प की चपेट में आए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। डीसीपी (यमुनानगर) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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