उत्तर प्रदेश सचिवालय में पोस्टिंग का खेल! 30+ एसओ नोटिस के घेरे में

अब इन्हीं कथित अनियमितताओं और लेन-देन की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश शासन के स्तर पर मामला संज्ञान में आया और आधिकारिक जांच प्रक्रिया शुरू होने से प्रशासनिक गलियारों में हलचल और बढ़ गई है।

सचिवालय में तैनाती विवाद ने पकड़ा तूल
सचिवालय में तैनाती विवाद ने पकड़ा तूल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Jan 2026 11:17 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित यूपी सचिवालय में तैनाती को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि अनुभाग अधिकारी (एसओ) पद पर मनचाही/मलाईदार पोस्टिंग पाने के लिए कुछ अधिकारियों ने घूस का सहारा लिया। मामले को गंभीर मानते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने 30 से अधिक अनुभाग अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोटिस जारी होने के बाद से सचिवालय के गलियारों में खलबली मची हुई है और कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि जांच आगे किस दिशा में जाएगी।

पिछले कुछ महीनों से जुगाड़-घूस की चर्चाएं

सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश सचिवालय (लखनऊ) में यह चर्चा तेज थी कि तबादला नीति को किनारे रखकर कुछ अधिकारियों को लगातार महत्वपूर्ण और प्रभावशाली विभागों में बनाए रखा जा रहा है। सचिवालय की तय व्यवस्था के तहत विभागों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत कर चक्रानुक्रम (रोटेशन) के आधार पर तैनाती का प्रावधान रखा गया था, ताकि हर कर्मचारी को समान अवसर मिले और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। लेकिन आरोप है कि कई मामलों में इस नियम को दरकिनार कर चुनिंदा अधिकारियों को बार-बार A श्रेणी वाले विभागों में ही पोस्टिंग दिलाई गई। अब इन्हीं कथित अनियमितताओं और लेन-देन की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश शासन के स्तर पर मामला संज्ञान में आया और आधिकारिक जांच प्रक्रिया शुरू होने से प्रशासनिक गलियारों में हलचल और बढ़ गई है।

एसओ से मांगा गया लिखित जवाब

जानकारी के मुताबिक अनुभाग अधिकारियों की पोस्टिंग में घूसखोरी को लेकर शिकायत शासन के उच्च स्तर तक पहुंची थी। उसी शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल और आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र सचिवालय प्रशासन विभाग को भेजा गया। इसके बाद विभाग ने संबंधित अनुभाग अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है, ताकि आरोपों पर उनका लिखित जवाब लिया जा सके। सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान के हवाले से बताया गया कि, कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। सभी को नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

विजिलेंस जांच की मांग तेज

नोटिसों का सिलसिला शुरू होते ही यूपी सचिवालय में माहौल गर्म हो गया है। कर्मचारी संगठनों और कुछ कर्मचारी नेताओं का कहना है कि मामला सिर्फ नोटिस और लिखित जवाब तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की विजिलेंस या किसी स्वतंत्र सक्षम एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिले। सचिवालय के एक समीक्षा अधिकारी के मुताबिक ऐसे आरोप बेहद गंभीर हैं। यदि पोस्टिंग में लेन-देन की बात सही साबित होती है, तो इसका सीधा असर शासन के कामकाज की पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता पर पड़ेगा। साथ ही यह मांग भी उठ रही है कि ट्रांसफर पॉलिसी के विपरीत जिन-जिन तैनातियों पर सवाल उठे हैं, उनकी भी व्यापक जांच होनी चाहिए UP News

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उत्तर प्रदेश में बोले राज्यमंत्री: अमेरिकी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति और सहयोग पर आधारित रही है। भारत ने न तो कभी किसी देश पर आक्रमण किया और न ही आतंकवाद जैसी गतिविधियों का समर्थन किया है।

mantri
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 07:13 PM
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UP News : केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा है कि अमेरिका को यह गलतफहमी नहीं रखनी चाहिए कि उसकी व्यापार नीतियों या टैरिफ फैसलों से भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक सशक्त और भरोसेमंद देश के रूप में स्थापित हो चुका है और किसी एक राष्ट्र पर निर्भर नहीं है। गोंडा में आयोजित विकसित भारत जी-राम-जी जन जागरण अभियान में शामिल होने पहुंचे मंत्री ने योजना के उद्देश्यों और अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया यह भली-भांति समझ चुकी है कि भारत की आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति मजबूत है। वैश्विक स्तर पर यदि किसी देश पर विश्वास किया जाता है, तो वह भारत है।

भारत की विदेश नीति हमेशा शांति और सहयोग पर आधारित

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति और सहयोग पर आधारित रही है। भारत ने न तो कभी किसी देश पर आक्रमण किया और न ही आतंकवाद जैसी गतिविधियों का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज पीएम मोदी एक प्रभावशाली वैश्विक नेता के रूप में पहचाने जाते हैं, जिनकी नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भरोसा करता है। रूस-भारत-चीन समूह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले वैश्विक व्यवस्था दो शक्तियों के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन अब दुनिया मल्टीपोलर व्यवस्था की ओर बढ़ चुकी है। इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार और अधिक प्रभावशाली हो रही है।

जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने गोंडा मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल में सामने आई व्यवस्थागत खामियों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं, जिनकी जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव को दे दी गई है। सीटी स्कैन सुविधा, स्वच्छता और अन्य अवसंरचनात्मक समस्याओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है और जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे कोई व्यक्ति ऊंचे पद पर पहुंचता है, उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां पहले से नियम था कि वहां केवल पैदल आवागमन की अनुमति है। ऐसे में रथ ले जाना नियमों के खिलाफ था। उन्होंने दोहराया कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है और कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता।

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मेरठ में सीएम योगी का इशारा बना चर्चा का विषय, संगीत सोम को हटने को कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।

cm yogi (30)
सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Jan 2026 06:45 PM
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UP News : मेरठ के सलावा क्षेत्र में निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक छोटा-सा इशारा राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का कारण बन गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक संगीत सोम को पीछे हटने का संकेत दिया और मौके पर मौजूद एक राज्यमंत्री को अपने पास बुलाया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सीएम योगी खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।

सीएम ने संगीत सोम पीछे हटने को कहा

निरीक्षण के समय पूर्व विधायक संगीत सोम मुख्यमंत्री के काफी नजदीक खड़े दिखाई दिए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने हाथ के इशारे से उन्हें पीछे रहने को कहा और यह स्पष्ट किया कि मंत्री को आगे खड़ा किया जाए। इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री दिनेश खटीक आगे आए और मुख्यमंत्री के पास खड़े हो गए, जबकि संगीत सोम पीछे हट गए। यह दृश्य वहां मौजूद मीडिया कैमरों में कैद हो गया। वीडियो सामने आते ही इसे सोशल मीडिया पर साझा किया जाने लगा, जिसके बाद राजनीतिक चचार्एं तेज हो गईं। जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादा और पद की गरिमा को रेखांकित करने वाला संदेश भी था।

संगीत सोम पहले भी विवादों में आ चुके हैं

गौरतलब है कि संगीत सोम वर्तमान में न तो विधायक हैं और न ही सरकार में किसी पद पर हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री का यह व्यवहार राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान संगीत सोम को लेकर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए थे और पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस की चर्चा हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन और प्रशासनिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे अनुशासन का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। भले ही यह घटना कुछ क्षणों की रही हो, लेकिन इसका असर गहरा माना जा रहा है और मेरठ की राजनीति में इसे एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

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