प्रशासन की ओर से आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है और सभी पहलुओं की कानूनी जांच शुरू हो चुकी है।

यूपी न्यूज : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए साफ संकेत दिए हैं कि महिला सुरक्षा, जबरन धर्मांतरण और धोखाधड़ी जैसे अपराधों पर सरकार किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरतेगी। मुख्यमंत्री ने पीड़िता से सीधे संवाद कर उसे निष्पक्ष न्याय का भरोसा दिलाया। सरकारी स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी संगठित साजिश या गिरोह की आशंका सामने आती है, तो मामले की जांच और भी गहराई से की जाएगी।
प्रशासन की ओर से आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है और सभी पहलुओं की कानूनी जांच शुरू हो चुकी है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी संस्थान में कार्यरत व्यक्ति यदि कानून का उल्लंघन करता है, तो उसके पद या पेशे को ढाल नहीं बनने दिया जाएगा।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समेत अन्य संगठनों ने परिसर में प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। राजनीतिक हलकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सरकार की कड़ी नीति को लेकर पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
केजीएमयू प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। छात्रावास, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। विशाखा समिति की जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे यह संदेश गया है कि संस्थान महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, छलपूर्वक संबंध, दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन या मानसिक उत्पीड़न जैसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी। आने वाले समय में शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने, शिकायत तंत्र को प्रभावी बनाने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम किया जाएगा।