UP News: आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार को उत्तर प्रदेश के छात्र बेहद आक्रोशित नजर आए। वाराणसी के छात्रों ने घोषणा कर दी है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा देने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

UP News: देश भर में चल रहा छात्रों का आंदोलन उत्तर प्रदेश में भी तेजी से फैल रहा है। छात्रों का फैलता हुआ यह आंदोलन उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र (लोकसभा सीट) वाराणसी में भी फैल गया है। वाराणसी के छात्र पिछले तीन दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार को उत्तर प्रदेश के छात्र बेहद आक्रोशित नजर आए। वाराणसी के छात्रों ने घोषणा कर दी है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा देने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
काशी विद्यापीठ बना छात्रों के आंदोलन का केन्द्र
NEET परीक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्वांचल की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ लगातार तीसरे दिन छात्र आंदोलन का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी की तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। यह आंदोलन अब केवल वाराणसी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश के छात्र समुदाय में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बढ़ती नाराजगी का प्रतीक बनता दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश के छ़ात्रों ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
काशी विद्यापीठ में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय सरकार विरोध करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कई छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश में और व्यापक बनाया जाएगा। लगातार तीसरे दिन चले प्रदर्शन में छात्रों ने परिसर में धरना दिया और रैलियां निकालीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक विवाद से बड़ा है और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
उत्तर प्रदेश के युवाओं में बढ़ रही बेचैनी
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा प्रतियोगी परीक्षा देने वाला राज्य है। यहां हर वर्ष लाखों विद्यार्थी NEET, JEE, CUET, PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं। ऐसे में किसी भी परीक्षा को लेकर विवाद या अनियमितता का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश के युवाओं पर पड़ता है। इसी कारण वाराणसी का यह आंदोलन राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों का भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक छात्रों का विश्वास बहाल नहीं हो सकता। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह की मांगों के साथ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की नजर
हालांकि वाराणसी में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। वाराणसी का यह छात्र आंदोलन ऐसे समय सामने आया है जब संसद से लेकर देश के कई राज्यों में NEET परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने का दावा कर रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश से उठी छात्रों की आवाज राष्ट्रीय बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती दिखाई दे रही है।
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