वर्दी का रौब छूटा, आखिरी वक्त में अपनों का इंतजार करता रह गया अफसर

जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर जब इंसान अस्पताल के बिस्तर पर पहुंचता है, तब उसके साथ न वर्दी होती है न पद का प्रभाव और न ही सरकारी रुतबा। उस समय सबसे ज्यादा जरूरत होती है अपने लोगों की। पूर्व पुलिस अधिकारी सुधीर कुमार तोमर को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनो एक बेहद भावुक और विचलित कर देने वाली कहानी वायरल है।

The then City Kotwal Sudhir Tomar

तत्कालीन नगर कोतवाल सुधीर तोमर की फाइल फोटो

locationउत्तर प्रदेश
userChetna Manch Desk
calendar19 Sep 2026 11:23 AM
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