गोण्डा में गन्ना पेराई सत्र से पहले डीएम प्रियंका निरंजन ने चीनी मिलों को सख्त निर्देश दिए हैं। कुन्दुरखी चीनी मिल के 51.86 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान पर नाराजगी जताते हुए भुगतान में तेजी लाने और बाढ़-चक्रवात प्रभावित किसानों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में गन्ना पेराई सत्र शुरू होने से पहले जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने चीनी मिलों को सख्त निर्देश दिए हैं। किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में देरी और उनकी समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही पर प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। समीक्षा बैठक में कुन्दुरखी चीनी मिल द्वारा अब तक केवल 51.86 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने बाढ़ और चक्रवात से प्रभावित किसानों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान कराने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी पेराई सत्र की तैयारियों, किसानों की शिकायतों, गन्ना परिवहन की सुरक्षा और सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए और किसानों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा बैठक के दौरान कुन्दुरखी चीनी मिल की भुगतान स्थिति पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। मिल की ओर से अब तक 51.86 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई। इस पर डीएम ने भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने और विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि गन्ना मूल्य भुगतान में देरी होने पर संबंधित चीनी मिलों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर मिले और भुगतान से जुड़ी शिकायतों को लंबित न रखा जाए। UP News :
जिलाधिकारी ने सभी चीनी मिलों में किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। इन कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की पालियों में ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही किसानों की शिकायतों को दर्ज करने और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण रखने के लिए शिकायत रजिस्टर भी बनाया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को गन्ना आपूर्ति, पर्ची, भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भटकने से बचाना है। संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में गन्ना परिवहन के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने गन्ना ढोने वाले वाहनों पर 2.5×5 मीटर का लाल कपड़ा, रिफ्लेक्टर क्रॉस और जीपीएस लगाने को कहा। इससे वाहनों की पहचान और सड़क पर उनकी दृश्यता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा गन्ने की प्रजाति की सही पहचान के लिए चेकिंग कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। डीएम ने किसानों से भी अपील की कि वे चीनी मिल की ओर से जारी पर्ची में दर्ज प्रजाति के अनुसार ही गन्ने की आपूर्ति करें। UP News :
जिलाधिकारी ने चीनी मिलों के अधिकारियों को गन्ना परिवहन मार्गों का निरीक्षण करने और जहां जरूरत हो, वहां समय रहते मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सड़कों की खराब स्थिति से गन्ना ढुलाई प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। इसलिए पेराई सत्र शुरू होने से पहले परिवहन मार्गों को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। बैठक में आगामी पेराई सत्र की संभावित तारीखों की जानकारी भी दी गई। इसके अनुसार मैजापुर चीनी मिल में 11 नवंबर, कुन्दुरखी चीनी मिल में 15 नवंबर और मनकापुर चीनी मिल में 18 नवंबर 2026 से पेराई सत्र शुरू होने की संभावना है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी संबंधित अधिकारियों और चीनी मिल प्रबंधन को निर्देश दिए कि निर्धारित समय से पहले तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि पेराई सत्र के दौरान किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, सहायक चीनी आयुक्त कुशलपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित विभिन्न चीनी मिलों के अधिकारी मौजूद रहे। UP News :
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