पीलीभीत में गन्ने के पुराने बकाये के भुगतान को लेकर किसानों का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के आह्वान पर सैकड़ों किसान शहर की निरंजन कुंज कॉलोनी में एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्या रखने की मांग की।

UP News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में गन्ने के पुराने बकाये के भुगतान को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। कई बार प्रदर्शन, घेराव और आश्वासन के बावजूद बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज सैकड़ों किसान मंगलवार को सड़क पर उतर आए। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के आह्वान पर किसानों ने शहर में प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या रखने की मांग की। किसानों के प्रस्तावित कलेक्ट्रेट कूच को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की गई और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि गन्ने के पुराने बकाये के भुगतान को लेकर उन्हें कई बार आश्वासन दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। किसानों का आरोप है कि भुगतान में लगातार देरी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर किसान अब दोबारा आंदोलन की राह पर हैं। किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्या सीधे जिलाधिकारी के सामने रखना चाहते हैं और बकाये के भुगतान की ठोस समयसीमा जानना चाहते हैं। कलेक्ट्रेट में धरना देने की योजना के तहत सैकड़ों किसान शहर की निरंजन कुंज कॉलोनी में एकत्र हुए। किसानों के जुटने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। आने-जाने वाले वाहनों पर भी नजर रखी गई। अधिकारियों की टीम लगातार मौके का जायजा लेती रही, ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। UP News:
किसानों के जुटने के बाद मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल और एएसपी हिमांशु गौरव समेत कई पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपने बकाये के भुगतान की मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं और जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं। चीनी मिल के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों को भुगतान से संबंधित स्थिति समझाने का प्रयास किया। हालांकि किसान अपने पुराने बकाये के भुगतान को लेकर अपनी मांग पर अड़े रहे। UP News:
प्रशासन की ओर से निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए किसानों को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद किसान जिलाधिकारी से मुलाकात की मांग करते रहे। किसानों का कहना है कि यदि पहले दिए गए आश्वासनों के अनुसार बकाया भुगतान हो जाता तो उन्हें सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती। अब किसान भुगतान को लेकर स्पष्ट कार्रवाई चाहते हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पीलीभीत शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख चौराहों और शहर के प्रवेश मार्गों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। फिलहाल किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत के बावजूद बकाया भुगतान का मुद्दा पूरी तरह सुलझता नजर नहीं आ रहा है। किसानों की मांग और प्रशासन के रुख के बीच अब आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। UP News:
विज्ञापन