उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में द्वारिकागंज के पास करीब 50 किलो का विशालकाय अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग ने रेस्क्यू कर उसे रतनपुर जंगल में छोड़ दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में करीब 50 किलो वजनी विशालकाय अजगर मिलने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के द्वारिकागंज में आशापुर और शंकरगढ़ बॉर्डर के पास अजगर दिखाई देने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया। बाद में उसे रतनपुर जंगल में छोड़ दिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। उत्तर प्रदेश के एक गांव में विशालकाय अजगर मिलने से अचानक हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतना विशालकाय अजगर उन्हांेने पहले कभी नहीं देखा है। इस अजगर का वजन 50 किलो से अधिक बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के वन विभाग की टीम ने अजगर को चारों तरफ से घेर लिया है। यह समाचार के लिखे जाने तक उत्तर प्रदेश के वन विभाग के अधिकारी अजगर को अपने कब्जे में ले चुके थे। उत्तर प्रदेश के एक गांव में इतने विशालकाय अजगर के मिलने से अजगर के विषय में चर्चा हो रही है।
सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के द्वारिकागंज में आशापुर और शंकरगढ़ बॉर्डर के पास ग्रामीणों ने एक विशालकाय अजगर देखा। उसका आकार देखकर लोग हैरान रह गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। अजगर की मौजूदगी से आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई और वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। UP News
सूचना मिलने के बाद वन विभाग के श्रमिक कर्मचारी तोहिद अहमद उर्फ पिन्नी भाई मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानी बरतते हुए अजगर को पकड़ा और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। इसके बाद अजगर को रतनपुर जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे उसे उसके प्राकृतिक परिवेश में वापस पहुंचाया जा सके। UP News
विशालकाय अजगर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता कम हुई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वन विभाग की तत्परता से अजगर को सुरक्षित तरीके से जंगल में पहुंचा दिया गया। UP News
रिहायशी इलाकों या खेतों के आसपास अजगर अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर लोगों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने के बजाय वन विभाग को सूचना देना सुरक्षित विकल्प है। प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाया जा सकता है। UP News
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