सिर्फ 2 हजार रुपये मानदेय और जिम्मेदारियां इतनी बड़ी ? उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में समूह सखियों का गुस्सा आखिर क्यों फूटा और वे 20 हजार रुपये मानदेय की मांग लेकर डीएम कार्यालय तक क्यों पहुंचीं ?

UP News : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में मानदेय बढ़ाने और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समूह सखियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। दूबेपुर ब्लॉक से पहुंचीं समूह सखियों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई और जिलाधिकारी के नाम सात सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया को सौंपा। समूह सखियों ने मौजूदा 2,000 रुपये मासिक मानदेय को बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्य को देखते हुए नियमित अथवा नियोजित कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग रखी। UP News
प्रदर्शन कर रही समूह सखियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुसार वे ग्रामीण महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने के साथ नए स्वयं सहायता समूहों के गठन में सहयोग करती हैं। समूह सखियों ने बताया कि वे स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खुलवाने, समूहों को बैंकों से जोड़ने तथा मिशन के तहत आरएफ-सीआईएफ और कैश क्रेडिट लिमिट से संबंधित प्रक्रियाओं में भी सहयोग करती हैं। इसके अलावा समूहों से जुड़े कार्यों का डाटा LOKOS ऐप पर दर्ज करने और समूह की महिलाओं के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी उनके पास रहती है। UP News
समूह सखियों ने कहा कि उनके जिम्मे कई महत्वपूर्ण कार्य हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें वर्तमान में केवल 2,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच इतनी कम राशि में परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने और मानदेय में उचित बढ़ोतरी किए जाने की मांग की। UP News
समूह सखियों की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में कई प्रमुख मांगें शामिल की गई हैं। इनमें मासिक मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करना, सभी समूह सखियों को नियमित या नियोजित कार्यकर्ता का दर्जा देना और मानदेय का भुगतान हर माह निर्धारित समय पर सीधे बैंक खाते में करने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा समूह सखियों ने आधिकारिक पहचान पत्र जारी करने, उनकी सेवाओं को स्थायी करने, पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। उन्होंने LOKOS ऐप पर काम करने के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग भी की। UP News
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