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UP News: उत्तर प्रदेश की सत्ता पर तीसरी बार काबिज होने के लिए भाजपा ने सभी मोर्चों पर काम शुरू कर दिया है। खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने के मकसद से भाजपा प्रदेश में चुनाव अभियान की कमान एक बार फिर सुनील बंसल को सौंप देगी।

UP News: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की गूंज सुनाई देने लगी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हर संभव कोशिश है कि उत्तर प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाते हुए प्रदेश में एक बार फिरर सरकार बनाई जाए। उत्तर प्रदेश की सत्ता पर तीसरी बार काबिज होने के लिए भाजपा ने सभी मोर्चों पर काम शुरू कर दिया है। खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने के मकसद से भाजपा प्रदेश में चुनाव अभियान की कमान एक बार फिर सुनील बंसल को सौंप देगी। सुनील बंसल वर्ष-2017 तथा 2022 में भाजपा को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। उनके साथ केन्द्रीय मंत्री शिवराज चौहान को भी उत्तर प्रदेश में चुनाव के काम में लगाया जाएगा।
भाजपा तथा RSS ने तय कर लिया है सुनील बंसल तथा शिवराज चौहान का नाम
भारतीय जनता पार्टी चुनाव वाले राज्यों में पार्टी के केन्द्रीय नेताओं को प्रभारी तथा सह प्रभारी के रूप में तैनात करती है। पार्टी के नेताओं की यह तैनाती RSS के साथ वार्ता करके की जाती है। भाजपा के सूत्रों का दावा है कि अगले साल जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं उनके लिए भाजपा तथा RSS प्रभारियों के नाम तय कर दिए हैं। राज्यों के लिए तय किए गए नामों में से पता चला है कि उत्तर प्रदेश के चुनाव की कमान पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील बंसल को सौंपने का फैसला किया गया है। उनके साथ केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी उत्तर प्रदेश में तैनात करने का फैसला भाजपा ने कर लिया है। इस फैसले की घोषणा जल्दी ही कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सहित पश्चिम बंगाल में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं सुनील बंसल
आपको बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत हुई है। इस जीत के लिए रणनीति बनाने में सुनील बंसल का विशेष योगदान बताया जाता है। वर्तमान में सुनील बंसल के पास पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना के अलावा युवा मोर्चा का प्रभार है। उत्तर प्रदेश के विषय में सुनील बंसल का रिपोर्ट कार्ड देखें तो 2014 के लोकसभा से लेकर 2022 के विधानसभा चुनावों तक सभी में उन्होंने पार्टी संगठन की रणनीति बनाने में बहुत ही सक्रिय और सफल योगदान दिया है। इन सबके बीच बंगाल की जीत ने तो उनके रिपोर्ट कार्ड को और भी यूनिक बना दिया है।
शिवराज सिंह चौहान की रहती है हर चुनाव में भूमिका
बात केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की करें तो शिवराज सिंह भाजपा के एक कद्दावर ओबीसी नेता हैं। प्रभावी केंद्रीय मंत्री और लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के अलावा पार्टी संगठन में भी उनकी भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण रही है। केंद्र में मंत्री बनने से पहले शिवराज सिंह चौहान बीजेपी की सदस्यता अभियान की बहुत ही सफल अगुवाई कर चुके हैं। 2024 में बीजेपी भले ही झारखंड में बाजी नहीं पलट सकी, लेकिन हिमंत बिस्वा सरमा के साथ मिलकर चौहान ने बूथ लेवल तक कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रूप से पूरी तरह से तैयार किया था। चंपई सोरेन को झारखंड मुक्ति मोर्चा से लाने में भी उनका रोल अहम रहा। शिवराज सिंह चौहान पहले भी उत्तर प्रदेश में बीजेपी के स्टार प्रचारक रह चुके हैं और यह रोल उन्होंने गुजरात, असम, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी बखूबी निभाया है।
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