बलिया के चर्चित सुनील यादव हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट मामले में पुलिस को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने तीन आरोपियों की पुलिस रिमांड के लिए दाखिल अर्जी को खारिज कर दिया।

UP News : बलिया के चर्चित सुनील यादव हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट मामले में पुलिस को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने तीन आरोपियों की पुलिस रिमांड के लिए दाखिल अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद रिमांड देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पंकज राय, लक्ष्मी नारायण चौबे और श्रवण दूबे उर्फ छोटक दूबे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। UP News
पुलिस की ओर से अदालत में दावा किया गया था कि तीनों आरोपी एक ही आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए हैं और मामले की गहराई से जांच के लिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है। वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाए। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता केशव नारायण पांडेय उर्फ सुनील ने अदालत में तर्क रखा कि जिन लोगों को पुलिस एक ही गैंग का सदस्य बता रही है, वे कथित तौर पर अलग-अलग गुटों से जुड़े हैं और उनके बीच आपसी विरोध है। UP News
बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस की ओर से पेश किए गए आधार और उपलब्ध साक्ष्य रिमांड के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों का अवलोकन करने के बाद पुलिस की रिमांड याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के इस आदेश के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रही कार्रवाई पर अब आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर नजर बनी हुई है। UP News
गौरतलब है कि सुनील यादव हत्याकांड 20 सितंबर 2025 का है। हल्दी थाना क्षेत्र के नीरुपुर चट्टी पर टेंट कारोबारी सुनील यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया था। अब इसी मामले में अदालत के रिमांड आदेश के बाद जांच की दिशा पर चर्चा तेज हो गई है। UP News
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