उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निलंबित लिपिक अपने साथियों के साथ कार्यालय पहुंच गया। आरोप है कि उसने अधिशासी अभियंता के साथ मारपीट की और उन्हें कई थप्पड़ जड़ दिए।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निलंबित लिपिक अपने साथियों के साथ कार्यालय पहुंच गया। आरोप है कि उसने अधिशासी अभियंता के साथ मारपीट की और उन्हें कई थप्पड़ जड़ दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने अधिशासी अभियंता की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। UP News
अधिशासी अभियंता विपिन बिहारी सिंह के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे मुख्य अभियंता गंडक संगठन विकास कुमार सिंह सिंचाई खंड कार्यालय का निरीक्षण कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। आरोप है कि निरीक्षण समाप्त होने के बाद जैसे ही मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारी कार्यालय परिसर के पीछे स्थित गैलरी से बाहर निकल रहे थे, तभी निलंबित वरिष्ठ सहायक दीपक पांडेय, संबद्ध सहायक अभियंता ध्रुवजी सुमन और उनके साथ आए चार अन्य लोग वहां पहुंच गए। इसके बाद विवाद बढ़ गया और अधिशासी अभियंता के साथ मारपीट की गई। UP News
शिकायत के मुताबिक, हमलावरों में शामिल तीन लोग हेलमेट पहने हुए थे। पूरा घटनाक्रम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। अधिशासी अभियंता का कहना है कि चालक रामभजन यादव और अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कैंट थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने अधिशासी अभियंता की तहरीर पर निलंबित लिपिक दीपक पांडेय, सहायक अभियंता ध्रुवजी सुमन और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। UP News
दूसरी ओर, आरोपी दीपक पांडेय की पत्नी पूजा पांडेय का कहना है कि उनके पति को गलत तरीके से निलंबित किया गया। उन्होंने इस संबंध में पहले भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। उनका आरोप है कि निलंबन के बाद उनके पति को नियमानुसार गुजारा भत्ता भी नहीं दिया गया। उनका दावा है कि दीपक विभागीय अधिकारियों से इसी मुद्दे पर बातचीत करने कार्यालय गए थे, लेकिन वहां कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। वहीं सहायक अभियंता ध्रुवजी सुमन ने भी इस मामले को लेकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। UP News
अधिशासी अभियंता विपिन बिहारी सिंह का आरोप है कि निलंबन के बाद से दीपक पांडेय लगातार उन्हें धमका रहा था। उन्होंने दावा किया कि 22 जनवरी और 2 अप्रैल को भी आरोपी ने गंभीर परिणाम भुगतने और गुंडों से अगवा कराने की धमकी दी थी। विपिन बिहारी के अनुसार, इस संबंध में 15 अप्रैल को विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उसी का नतीजा गुरुवार को हुआ हमला है। कैंट क्षेत्राधिकारी आभा सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News
विज्ञापन