निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को कड़ी सुरक्षा में निजी वाहन के माध्यम से शहर से बाहर ले जाया गया। इस दौरान उनके समर्थकों ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें सुरक्षित रूप से वाहन में बैठाकर बाहर ले जाने में सफलता पाई।

UP News : बुधवार दोपहर बरेली से निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को कड़ी सुरक्षा में निजी वाहन के माध्यम से शहर से बाहर ले जाया गया। इस दौरान उनके समर्थकों ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें सुरक्षित रूप से वाहन में बैठाकर बाहर ले जाने में सफलता पाई। समर्थकों ने बाद में रामपुर मार्ग पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
अलंकार ने सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उनके सरकारी आवास में ही रहने को कहा गया और बाहरी दुनिया से संपर्क सीमित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आवास में अनावश्यक रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिससे उनकी निजता का हनन हो रहा है।
एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने कहा कि अफसर को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। सुरक्षा कारणों से आवासीय परिसर में प्रवेश सीमित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाउस अरेस्ट का दावा गलत और निराधार है। गणतंत्र दिवस के बाद अलंकार ने इस्तीफा देने की घोषणा की थी और सरकार की कुछ नीतियों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया, जिसे डीएम ने पूरी तरह खारिज कर दिया। देर रात उन्हें निलंबित कर शामली कलेक्टर कार्यालय में अटैच किया गया। इस मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई है। अलंकार ने व्हाट्सएप पर लिखा कि वे एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट में हैं और बाहरी संपर्क केवल मोबाइल के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने उच्च न्यायालय और संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की बात भी कही।