यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में चल रही इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी राह काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

UP News : उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा यौन उत्पीड़न/यौन शोषण का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में चल रही इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी राह काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।
मामले की शुरुआत उस समय हुई, जब तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने धारा 173(4) के तहत जिला कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद एडीजे (रेप एवं पॉक्सो) स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और 2-3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर में बीएनएस की धारा 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू कर दी है।एफआईआर दर्ज होने के बाद UP पुलिस की झूंसी टीम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ के लिए उनके वाराणसी स्थित मठ तक जा सकती है। वहीं, पुलिस नाबालिगों के कलमबंद बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है। पुलिस टीम ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में मामले को लेकर सरकार और आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को “हिस्ट्रीशीटर” बताए जाने का दावा किया। उधर, आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि शामली जिले के कांधला थाने से जुड़ा “हिस्ट्रीशीटर” वाला आरोप गलत है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ ऐसे दावे हैं तो थाने या अदालत का कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया जाए। आशुतोष ने यह भी आरोप लगाया कि स्वामी के इशारे पर उनके खिलाफ 21 मुकदमों की एक सूची तैयार कर “थाने की मोहर” लगाकर प्रसारित की गई, जिसे वह फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस कथित फर्जी सूची को लेकर उन्होंने संबंधित थाने में अलग से शिकायत/मुकदमा भी दर्ज कराया है। UP News