निर्धारित समयावधि में सभी टिकट काउंटर बंद रखे जाएंगे। हालांकि, प्रत्येक दिन के लिए प्रवेश का समय अलग-अलग तय किया गया है, जिसकी जानकारी मौके पर उपलब्ध कराई जाएगी। अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता एस. कुमार ने बताया कि उर्स के दौरान ताजमहल में पारंपरिक धार्मिक रस्में अदा की जाती हैं।

UP News : आगरा से पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुगल सम्राट शाहजहां के वार्षिक उर्स के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ताजमहल में प्रवेश शुल्क पूरी तरह माफ करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत 15, 16 और 17 जनवरी 2026 को देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बिना किसी टिकट के ताजमहल का दीदार कर सकेंगे।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, उर्स के दौरान ताजमहल में प्रवेश के लिए न तो आॅनलाइन टिकट की आवश्यकता होगी और न ही आॅफलाइन। निर्धारित समयावधि में सभी टिकट काउंटर बंद रखे जाएंगे। हालांकि, प्रत्येक दिन के लिए प्रवेश का समय अलग-अलग तय किया गया है, जिसकी जानकारी मौके पर उपलब्ध कराई जाएगी। अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता एस. कुमार ने बताया कि उर्स के दौरान ताजमहल में पारंपरिक धार्मिक रस्में अदा की जाती हैं। इस अवसर पर मुख्य मकबरे पर सतरंगी चादर चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन और पर्यटक आगरा पहुंचते हैं।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और परिसर की गरिमा बनाए रखी जा सके। पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, तीन दिन की नि:शुल्क एंट्री से आगरा के पर्यटन उद्योग को खासा लाभ मिलने की संभावना है। होटल, गाइड, परिवहन और स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है, वहीं आम पर्यटकों को भी आर्थिक रूप से राहत मिलेगी।