प्रयागराज के रायला पब्लिक स्कूल में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। अनामिका चौधरी ने कहा कि शिक्षक केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से लड़ने का साहस देता है।

UP News: शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और अपने पैरों पर खड़े होने का साहस देता है। शिक्षक ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और चरित्र को आकार देकर राष्ट्र के भविष्य की नींव मजबूत करता है। यह विचार पूर्व उपमहापौर एवं गंगा विचार मंच, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की प्रांत संयोजक अनामिका चौधरी निषाद ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रयागराज के दारागंज स्थित रायला पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान अनामिका चौधरी ने विद्यालय के शिक्षकों को अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए अनामिका चौधरी ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, "शिक्षक वह नहीं जो केवल अक्षरों का ज्ञान दे, शिक्षक वह है जो जीवन का अर्थ समझा दे। जो हाथ पकड़कर चलना नहीं, बल्कि अपने पैरों पर चलने का साहस दे।"
उन्होंने कहा कि शिक्षक की वास्तविक उपलब्धि केवल उसके द्वारा पढ़ाए गए पाठों में नहीं, बल्कि उन संस्कारों, विचारों और चरित्र में दिखाई देती है, जिन्हें विद्यार्थी जीवनभर अपने व्यक्तित्व में धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का भविष्य कक्षाओं में आकार लेता है और उस भविष्य को सही दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है।
अनामिका चौधरी ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों में राष्ट्र प्रेम, गंगा के प्रति श्रद्धा और स्वच्छता के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल देश की जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना भी जरूरी है।UP News:
विद्यालय के प्रबंधक भुवनेश्वरी प्रसाद सक्सेना ने सभी शिक्षकों और अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उन्हें उपहार प्रदान किए। विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजुला सक्सेना ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में अनामिका चौधरी ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का ज्ञान और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रकाश-पुंज बना रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, समस्त शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। UP News:
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