पूरे उत्तर प्रदेश में नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे, लेकिन बाकी सभी प्रक्रियाएँ जैसे फोटो खिंचवाना, डॉक्यूमेंट जमा करना और ड्राइविंग टेस्ट देना सामान्य रूप से जारी रहेंगी। यह प्रभाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) अप्लिकेशन से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। राज्य सरकार ने बताया है कि 25 नवंबर से 28 नवंबर तक ड्राइविंग लाइसेंस के अप्रूवल पर रोक लगाई गई है। इस दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे, लेकिन बाकी सभी प्रक्रियाएँ जैसे फोटो खिंचवाना, डॉक्यूमेंट जमा करना और ड्राइविंग टेस्ट देना सामान्य रूप से जारी रहेंगी। यह प्रभाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है
परिवहन विभाग के अनुसार, यह रोक तकनीकी बदलाव और सिस्टम ट्रांजिशन की वजह से लगाई गई है। पुरानी कंपनी स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो रहा है। नई आईटी कंपनियों को साइट हैंडओवर और नया हार्डवेयर इंस्टॉल करना है। इस बदलाव के कारण 25 से 28 नवंबर तक किसी भी नए ड्राइविंग लाइसेंस का अप्रूवल संभव नहीं है। परिवहन विभाग के आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि यह केवल एक रूटीन टेक्निकल हैंडओवर है और आवेदकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
पुरानी कंपनी स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड पुराने पेंडिंग स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस की प्रिंटिंग, पर्सनलाइजेशन और डिस्पैच का काम पूरा करेगी। सभी आरटीओ कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि 25 नवंबर से पहले जितने भी अप्रूवल पेंडिंग हैं, उन्हें पूरा कर लिया जाए। इसका मतलब है कि जो लोग पहले से आवेदन कर चुके हैं, उनका लाइसेंस 29 नवंबर तक डिस्पैच किया जा सकता है।
29 नवंबर से पूरे राज्य में तीन नई आईटी कंपनियां ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी काम संभालेंगी। इनके पास नया सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर होगा, जिससे लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। नई कंपनियों को राज्य के अलग-अलग जोन में काम करने के लिए आवंटित किया गया है। परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था पहले से ज्यादा स्मूथ और परेशानी-मुक्त होगी।
यदि आपने हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, तो 29 नवंबर तक प्रतीक्षा करें। 25 से 28 नवंबर के बीच कोई नया लाइसेंस अप्रूव नहीं होगा। ड्राइविंग टेस्ट, डॉक्यूमेंट जमा करना और फोटो खिंचवाना जारी रहेगा, इसलिए इनकी तैयारी कर सकते हैं।घबराने की जरूरत नहीं, नया सिस्टम लागू होने के बाद प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में ये अस्थायी रोक केवल तकनीकी बदलाव और नई आईटी कंपनियों के सिस्टम अपडेट के कारण है। UP News