देवरिया क्रिकेट टूनार्मेंट में मैन आफ द मैच को मिला अनोखा इनाम, देसी मुर्गा

यह अनोखी घटना जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान में हुई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि मैच के समाप्त होने के बाद आयोजक खिलाड़ी को मंच पर बुलाते हैं।

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मैन आफ द मैच को ट्रॉफी या नकद के बजाय देसी मुर्गा इनाम में दिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Feb 2026 06:25 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के देवरिया में हुए एक क्रिकेट टूनार्मेंट में मैन आफ द मैच को ट्रॉफी या नकद के बजाय देसी मुर्गा इनाम में दिया गया। यह अनोखी घटना जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान में हुई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि मैच के समाप्त होने के बाद आयोजक खिलाड़ी को मंच पर बुलाते हैं। पहले उसे मुर्गे की तस्वीर वाला पोस्टर दिया गया और फिर पास खड़े शख्स ने खिलाड़ी के हाथ में जिंदा देसी मुर्गा थमा दिया। खिलाड़ी ने इसे हंसते-हंसते स्वीकार किया, जबकि दर्शक भी इस नजारे को देखकर हैरान रह गए।

खिलाड़ी और दर्शकों की प्रतिक्रिया

मैन आफ द मैच को यह अनोखा इनाम मिलने पर खिलाड़ी खुश नजर आए और उन्होंने मुर्गा पकड़ कर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। मैदान पर मौजूद लोग भी इस अनोखी इनाम प्रक्रिया को देखकर जोर-जोर से हंसते रहे। इस टूनार्मेंट के आयोजक प्रदुमन पांडे ने बताया कि यह मैच 1 फरवरी से 8 फरवरी तक आयोजित हुआ, जिसमें 16 टीमों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा अपने दोस्तों के लिए पार्टी करने की आदत रही, इसलिए उन्होंने मैन आॅफ द मैच के इनाम में देसी मुर्गा रखने का फैसला किया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद वह बहुत प्रसन्न है

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कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड में नया ट्विस्ट : ड्राइवर ने माना, मैं चला रहा था कार

कारोबारी केके मिश्रा के ड्राइवर मोहन ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया और दावा किया कि हादसे के समय कार वही चला रहा था, जबकि पुलिस ने पहले शिवम मिश्रा को ड्राइवर बताया था। मोहन ने मीडिया से कहा कि हादसे के समय शिवम को दौरा पड़ गया था।

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लैंबॉर्गिनी हादसे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Feb 2026 06:08 PM
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UP News : कानपुर के बहुचर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में नया ट्विस्ट आया है। कारोबारी केके मिश्रा के ड्राइवर मोहन ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया और दावा किया कि हादसे के समय कार वही चला रहा था, जबकि पुलिस ने पहले शिवम मिश्रा को ड्राइवर बताया था। 

मोहन ने मीडिया से कहा कि हादसे के समय शिवम को दौरा पड़ गया था। मैं घबरा गया और कुछ समझ नहीं पाया। शीशा तोड़कर दरवाजा खोलने पर मैं बाहर निकल गया। इसके बाद बाउंसर ने शिवम को दूसरी गाड़ी में बैठाया। मैं हर तरह की गाड़ी चला सकता हूँ, और लैंबॉर्गिनी में 9 गियर होते हैं।

हादसे का विवरण

* घटना 8 फरवरी को वीआईपी रोड पर हुई।

* लैंबॉर्गिनी ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिसमें मो. तौफीक घायल हुए।

* पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद शिवम मिश्रा का नाम एफआईआर में जोड़ा।

 केके मिश्रा की दलील

केके मिश्रा ने कहा कि हादसे के समय उनका बेटा सो रहा था। कार लॉक होने के कारण बेटे की तबीयत बिगड़ी थी। केके ने बताया कि शिवम फिलहाल दिल्ली में भर्ती है। शिवम की तरफ से गाड़ी की रिलीज के लिए अर्जी दाखिल की गई है। मोहन की तरफ से जमानत की गुहार लगाई गई। कोर्ट का फैसला अभी बाकी है।UP News



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उत्तर प्रदेश के बजट पर वित्त विशेषज्ञों की क्या राय है?

बजट आने के बाद देश-प्रदेश के वित्त विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और नीति विश्लेषकों ने इस पर विस्तार से अपनी राय रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की दिशा में आगे ले जाने की मजबूत नींव रखता है।

UP Budget 2026 पर विशेषज्ञों की राय
UP Budget 2026 पर विशेषज्ञों की राय
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar11 Feb 2026 04:48 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया वित्तीय वर्ष 2026 का बजट न केवल राज्य के अब तक के सबसे बड़े बजटों में शामिल है, बल्कि इसे विकासोन्मुख, निवेश समर्थक और भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किया गया दस्तावेज़ माना जा रहा है। बजट आने के बाद देश-प्रदेश के वित्त विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और नीति विश्लेषकों ने इस पर विस्तार से अपनी राय रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की दिशा में आगे ले जाने की मजबूत नींव रखता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर को बताया ग्रोथ इंजन

वित्त विशेषज्ञों के अनुसार बजट का सबसे मजबूत पक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाएं, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट विस्तार और स्मार्ट सिटी योजनाओं के लिए भारी आवंटन को विशेषज्ञों ने रोजगार सृजन और निजी निवेश को आकर्षित करने वाला कदम बताया है। आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि बेहतर सड़क, परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था से उद्योगों की लागत घटेगी, जिससे उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। इससे आने वाले वर्षों में राज्य की जीडीपी में तेज़ वृद्धि देखने को मिल सकती है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती

वित्त विशेषज्ञों ने बजट में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास पर किए गए प्रावधानों की भी सराहना की है। कृषि अवसंरचना, आधुनिक सिंचाई परियोजनाएं, ग्रामीण सड़कों और मंडी सुधार पर खर्च को विशेषज्ञों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया है। उनका मानना है कि यदि बजट प्रावधानों का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन हुआ, तो इससे किसानों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर संतुलित दृष्टिकोण

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों के लिए संतुलित आवंटन किया गया है। नए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को विशेषज्ञों ने मानव संसाधन विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। शिक्षा क्षेत्र में स्कूलों के आधुनिकीकरण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस को विशेषज्ञों ने भविष्य की कार्यबल तैयार करने के लिए जरूरी बताया।

राजकोषीय अनुशासन पर भी विशेषज्ञ संतुष्ट

वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने का प्रयास साफ दिखाई देता है। बढ़ते खर्च के बावजूद सरकार ने आय के स्रोतों को मजबूत करने और अनावश्यक सब्सिडी पर नियंत्रण की दिशा में संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार राजस्व संग्रह और व्यय प्रबंधन में संतुलन बनाए रखती है, तो राज्य की वित्तीय सेहत और मजबूत होगी।

कुछ विशेषज्ञों ने उठाए ये सवाल

हालांकि अधिकतर वित्त विशेषज्ञ बजट को सकारात्मक मान रहे हैं, लेकिन कुछ का कहना है कि घोषणाओं के साथ-साथ क्रियान्वयन सबसे बड़ी चुनौती रहेगा। उनका मानना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा, शहरी-ग्रामीण असमानता को कम करने और छोटे कारोबारियों को और अधिक राहत देने की मांग भी कुछ विशेषज्ञों ने उठाई है।

कुल मिलाकर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

वित्त विशेषज्ञों की सामूहिक राय में उत्तर प्रदेश का बजट 2026 विकास, निवेश और सामाजिक संतुलन का प्रयास करता हुआ दस्तावेज़ है। यदि बजट प्रावधानों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है। UP News

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