भारत की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है महाकुंभ का आयोजन
Mahakumbh 2025
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 03:13 PM
Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 पूरी दुनिया के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। सनातन धर्म को मानने वाले प्रत्येक हिन्दू के लिए महाकुंभ सबसे बड़ा आयोजन है। इतना ही नहीं दुनिया में जहां-जहां भी धार्मिक आस्था का विश्वास कायम है वहां तक महाकुंभ की चर्चा हो रही है। दुनिया के अनेक देशों से बड़े-बड़े उद्योगपति, व्यापारी, कलाकार, साहित्यकार तथा धार्मिक दीक्षा लेने वाले महाकुंभ में आकर पुण्य कमा रहे हैं। सोमवार तथा मंगलवार को हुए महाकुंभ के मात्र दो शाही स्नान के दिनों पर ही सवा पांच करोड़ नागरिक महाकुंभ में स्नान करके रिकॉर्ड कायम कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया महाकुंभ का विशेष महत्व
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया X पर महाकुंभ का महत्व बताया है। उन्होंने कहा कि, महाकुंभ भारतीय मूल्यों तथा भारतीय संस्कृति को मानने वाले करोड़ों लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। PM मोदी ने आगे कहा कि, महाकुंभ आस्था, भक्ति तथा संस्कृति के संगम में अनगिनत लोगों को एक साथ लागए। यह महाकुंभ भारत की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत का मतलब आप समझ ही गए होंगे। यहां PM मोदी के कहने का अर्थ भारत की सनातन परंपरा तथा सनातन संस्कृति से है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सटीक शब्दों में महाकुंभ को भारतीय सनातन संस्कृति का प्रतीक घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी कहा है कि महाकुंभ में भक्ति तथा अध्यात्म का अद्भुत संगम (मिलन) हो रहा है। उन्होंने मकर संक्रांति के दिन पहले शाही स्नान पर महाकुंभ में स्नान करने वालों को बधाई भी दी है। पहले शाही स्नान को अमृत स्नान की संज्ञा दी है।
महाकुंभ में पहली बार शाही स्नान के नाम पर हुआ अमृत स्नान
सनातन धर्म में महाकुंभ की सदियों पुरानी परंपरा है। महाकुंभ के खास मुर्हूत पर किए जाने वाले स्नान को शाही स्नान कहा जाता रहा है। प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ की तैयारियों के दौरान कुछ साधु-संतों ने शाही स्नान शब्द पर आपत्ति जताई थी। इसी कारण देश भर के साधु-समाज ने एक बैठक करके महाकुंभ में शाही स्नान का नाम बदलने का प्रस्ताव किया। इस प्रस्ताव में तय किया गया कि आगे से शाही स्नान के स्थान पर अमृत स्नान शब्द का प्रयोग किया जाएगा। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाही स्नान को अमृत स्नान बोलकर संबोधित किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी भी शाही स्नान के स्थानपर अमृत स्नान का प्रयोग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया महाकुंभ का विशेष महत्व
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का विशेष महत्व बताया है। उन्होंने कहा है कि मानवता के मंगल पर्व महाकुंभ पोष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर संगम स्नान का सौभाग्य प्राप्त करने वाले सभी संतगणों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं का अभिनंदन, प्रथम स्नान पर्व पर सनातन में आस्था रखने वाले करोड़ों भक्तों ने अविरल निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पूर्ण लाभ अर्जित किया। Mahakumbh 2025