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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) महाराज जी के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। शुक्रवार को एक बड़ा संयोग यह हुआ कि उत्तर प्रदेश के महाराज योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की मनकापुर रियासत के महाराज कुंवर आनंद सिंह को श्रद्धांजलि समर्पित की। उत्तर प्रदेश में स्थित मनकापुर रियासत के महाराज कुंवर आनंद सिंह का 6 जुलाई को निधन हो गया था। शुक्रवार को मनकापुर में पहुंचकर मनकापुर के महाराज को उत्तर प्रदेश के महाराज ने अपनी तथा उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मनकापुर में पूर्व सांसद और मनकापुर रियासत के महाराज कुंवर आनंद सिंह के निधन पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की। भारत सरकार में विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता कुंवर आनंद सिंह का 6 जुलाई 2025 को 87 वर्ष की उम्र में लखनऊ में निधन हो गया था। वह चार बार सांसद तथा यूपी में कृषि मंत्री भी रहे। इसके अलावा मनकापुर रियासत के महाराज के रूप में भी उनकी ख्याति थी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुंवर आनंद सिंह के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कुंवर आनंद सिंह ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जो हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में अनेक रियासत हुआ करती थी। इन्हीं रियासतों में उत्तर प्रदेश की मनकापुर रियासत का बड़ा नाम था। इस रियासत की परंपरा में कुंवर आनंद सिंह महाराज थे। कुंवर आनंद सिंह को उत्तर प्रदेश में टाइगर की उपाधि मिली थी। उन्हें उत्तर प्रदेश का टाइगर कहे जाने के पीछे एक बड़ी घटना थी। दरअसल वर्ष-1971 के चुनाव में कांग्रेस में दो फाड़ हो गए थे। कांग्रेस सिंडिकेट से आनंद सिंह गोंडा संसदीय सीट से मैदान में उतरे तो कांग्रेस इंडिकेट (आई) ने उनके चाचा और विधान परिषद के उपसभापति कुंवर देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ लल्लन साहब को प्रत्याशी बनाया। रोमांचक मुकाबले में आनंद सिंह ने जीत हासिल कर संसद में प्रवेश किया। इस चुनाव के बाद उन्हें आनंद सिंह को उत्तर प्रदेश का टाइगर के नाम से पहचान मिली थी। पूर्वांचल की राजनीति में अपने सियासी दबदबे का लोहा मनवाने वाले मनकापुर के राजा आनंद सिंह को यूपी टाइगर के नाम से जाना जाता था। कांग्रेस पार्टी उन्हें चुनाव के वक्त हस्ताक्षर किया हुआ बिना नाम का पार्टी का सिंबल दे देती थी, फिर आनंद सिंह जिसे चाहते नाम भरकर सिंबल दे देते थे। जिसके सिर पर मनकापुर के महाराज का हाथ होता, वह सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख बन जाता था।
उत्तर प्रदेश के टाइगर आनंद सिंह का विवाह वीना सिंह से हुआ था। तीन पुत्रियां निहारिका सिंह, राधिका सिंह व शिवानी हैं। पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान में केंद्र सरकार में विदेश, वन और पर्यावरण राज्यमंत्री हैं। आनंद सिंह ने सांसद रहते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से क्षेत्र के विकास को लेकर मुलाकात की। इसके बाद वर्ष 1984 में मनकापुर में आईटीआई की स्थापना की गई। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आईटीआई ने खूब विकास किया, लेकिन बाद में यह आर्थिक तंगी का शिकार हो गया। UP News :
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