उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार शाम जन्मदिन की पार्टी के दौरान फायरिंग करने वाली अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए खुलासों ने न केवल पुलिस महकमे बल्कि आम जनता को भी चौंका दिया है।

UP News : इंस्टाग्राम पर ‘रिवॉल्वर रानी’ के नाम से चर्चित अंशिका पर हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का संगठित नेटवर्क चलाने का आरोप है। घटना कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया इलाके की है, जहां अंशिका अपने दोस्तों के साथ सड़क पर जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान दूसरे गुट से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर अंशिका ने पिस्टल निकाल ली। छीना-झपटी के दौरान चली गोली एक युवक के ड्राइवर को जा लगी। घायल को गंभीर अवस्था में एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है।
बता दें कि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अंशिका सिंह के इंस्टाग्राम पर करीब 75 हजार फॉलोअर्स हैं। वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाती थी। आरोप है कि वह अश्लील वीडियो कॉल के जरिए लोगों को रिकॉर्ड करती और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले पांच वर्षों में वह दरोगा, डीसीपी समेत करीब 150 लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है।
बता दें कि अंशिका के मोबाइल फोन से बरामद WhatsApp चैट और कॉल डिटेल ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के अनुसार, वह एक CO, अयोध्या में तैनात DSP और गीडा थाना प्रभारी समेत 15 से अधिक पुलिसकर्मियों के संपर्क में थी। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से अंशिका के खाते में धनराशि ट्रांसफर हुई। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं कुछ पुलिसकर्मी इस अवैध वसूली के खेल में उसके सहयोगी तो नहीं थे।
अंशिका मूल रूप से गोरखपुर के हरपुर बुदहट की रहने वाली है। वह वर्तमान में कैंट थाना क्षेत्र के सिंघानिया इलाके में किराए के कमरे में रह रही थी। लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगे कपड़े, नए मोबाइल फोन और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का शौक उसकी कमजोर कड़ी बताया जा रहा है। इन्हीं शौकों को पूरा करने के लिए उसने अपने परिवार से दूरी बना ली और अपराध की राह पकड़ ली।
एसपी सिटी ने बताया कि अंशिका के खिलाफ हत्या के प्रयास और वाहन चोरी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। ब्लैकमेलिंग के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि अभी तक किसी पीड़ित ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। यदि कोई पीड़ित सामने आता है तो उसके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News