69000 शिक्षक भर्ती घोटाले पर बड़ा प्रहार, मुख्य आरोपी की 2 करोड़ की संपत्ति कुर्क

चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में भदोही पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी और कथित किंगपिन मायापति दुबे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उसकी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर दी है।

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शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त रुख
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 04:44 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में भदोही पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी और कथित किंगपिन मायापति दुबे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उसकी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर दी है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई

यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मायापति दुबे ने फर्जीवाड़े और अवैध तरीकों से करोड़ों की संपत्ति इकट्ठा की थी, जिसे अब चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जा रहा है।

ईंट भट्ठा और मशीनरी पर चला प्रशासन का शिकंजा

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पैतृक गांवों में छापेमारी की। उसके भाई के परिवार के नाम पर चल रहे त्रिपति ईंट उद्योग को कुर्क किया गया। इस भट्ठे की कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके अलावा एक जेसीबी मशीन, तीन ट्रैक्टर जिनकी कुल कीमत करीब 38 लाख रुपये बताई जा रही है, उन्हें भी जब्त कर लिया गया।

परिजनों के नाम पर बनाई गई थी बेनामी संपत्ति

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए संपत्तियां अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी थीं। पुलिस अब इन सभी संपत्तियों की जांच कर रही है और आगे भी कुर्की की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। मायापति दुबे का नेटवर्क केवल एक जिले तक सीमित नहीं था। भदोही, प्रयागराज, मऊ सहित कई जिलों में उसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

एसटीएफ ने 2023 में किया था गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मार्च 2023 में आरोपी को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में है। जांच के दौरान उसके शिक्षक भर्ती घोटाले में गहरे संबंध सामने आए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है। जो भी व्यक्ति अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रदेश में अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।



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उत्तर प्रदेश में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी पड़ी भारी, 14 युवक हिरासत में

वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करना कुछ युवकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के इस शहर में इफ्तार के दौरान नॉनवेज खाना खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंके गए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में पुलिस ने 14 युवकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 04:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करना कुछ युवकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के इस शहर में इफ्तार के दौरान नॉनवेज खाना खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंके गए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में पुलिस ने 14 युवकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

नाव पर इफ्तार और गंगा में अवशेष फेंकने का आरोप

भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि कुछ युवकों ने नाव पर बैठकर इफ्तार किया। इस दौरान चिकन बिरयानी खाई गई और बचा हुआ खाना गंगा में फेंक दिया गया। शिकायत के साथ घटना का वीडियो भी साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा गया।

धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 युवकों को हिरासत में लिया तथा सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इन सभी से पूछताछ जारी है, थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह के अनुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

नाव चालक पर भी कार्रवाई की मांग

शिकायत में नाव चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। लाइसेंस निरस्त करने की बात कही गई है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्ती की मांग की गई है। वाराणसी पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच हो रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को देखते हुए प्रशासन इस मामले में पूरी सतर्कता बरत रहा है। वाराणसी में हुई यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।


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उत्तर प्रदेश में भी है झीलों का शहर, जानिए किस जिले में है अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती

उत्तराखंड के नैनीताल को झीलों का शहर कहा जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में भी एक जिला ऐसा है, जहां 10 से ज्यादा झीलें मौजूद हैं। यह खास जगह है उन्नाव, जिसे अब झीलों का शहर के रूप में पहचान मिल रही है।

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झीलों का शहर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 03:44 PM
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UP News : उत्तराखंड के नैनीताल को झीलों का शहर कहा जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में भी एक जिला ऐसा है, जहां 10 से ज्यादा झीलें मौजूद हैं। यह खास जगह है उन्नाव, जिसे अब झीलों का शहर के रूप में पहचान मिल रही है। गंगा और सई के बीच बसा झीलों से भरपूर जिला उन्नाव में 10 से ज्यादा झीलें हैं, इसकी भौगोलिक पहचान अनोखी है। गंगा और सई नदियों के बीच स्थित उन्नाव अपनी जल संपदा के लिए खास माना जाता है। यहां छोटी-बड़ी 10 से अधिक झीलें और जलाशय हैं, जो इस जिले को प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध बनाते हैं।

मिनी गोवा जैसा अनुभव देता है यह इलाका 

प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण पर्यटकों को करता है आकर्षित। उन्नाव की झीलें न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखती हैं, बल्कि यहां का शांत और हरियाली भरा माहौल लोगों को मिनी गोवा जैसा अनुभव देता है। वीकेंड ट्रिप और नेचर लवर्स के लिए यह जगह तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

नवाबगंज पक्षी विहार बना विदेशी पक्षियों का ठिकाना

सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों से सजती हैं यहां की झीलें। उन्नाव की सबसे प्रसिद्ध झील नवाबगंज झील है, जो नवाबगंज पक्षी विहार के रूप में जानी जाती है। सर्दियों में यहां हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं, बर्ड वॉचिंग के लिए यह एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्नाव की प्रमुख झीलें बढ़ाती हैं यहां प्राकृतिक सुंदरता। कुंद्रा समुंदर, कांथा, बसहा जैसी झीलें हैं खास आकर्षण का केंद्र। जिले में मौजूद प्रमुख झीलों में शामिल हैं: कुंद्रा समुंदर, कांथा झील, बसहा झील श्रृंखला, अखौरी, जोरावरगंज, ऊंचागांव, सरवन और भदैन। ये झीलें न केवल सुंदरता बढ़ाती हैं, बल्कि खेती और जैव विविधता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

यहां कैसे पहुंचे और कब जाएं?

सर्दियों का मौसम है सबसे बेहतर, लखनऊ से आसान कनेक्टिविटी है। सबसे नजदीकी एयरपोर्ट: लखनऊ (करीब 50 किमी) है तथा रेल और सड़क मार्ग से अच्छी कनेक्टिविटी है। घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च का महीना है। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर प्राकृतिक सुंदरता और पक्षियों की दुनिया को करीब से देखना चाहते हैं, तो उन्नाव आपके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है। झीलों का शहर के रूप में उभरता यह जिला आने वाले समय में पर्यटन के नक्शे पर और भी चमक सकता है।


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