नवंबर में होगा बड़ा धमाका, उत्तर प्रदेश में आएंगे 5 लाख करोड़
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
04 Aug 2025 03:36 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
04 Aug 2025 03:36 PM
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला प्रदेश की दशा तथा दिशा बदलने वाला फैसला होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए प्रदेश में जल्दी ही पाँच लाख रूपए का भारी भरकम पूंजी निवेश लाने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश में जीबीसी-3 के तहत पाँच लाख करोड़ रूपए का पूंजी निवेश कराया जाएगा। Uttar pradesh News
क्या है जीबीसी-5 जिसके द्वारा आएगा बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार ने जीबीसी को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का नाम दिया है उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चार बार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) आयोजित की जा चुकी है। वर्ष-2025 के नवंबर के महीने में उत्तर प्रदेश में पाँचवीं जीबीसी-3 आयोजित की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि जीबीसी-5 के द्वारा प्रदेश में पाँच लाख करोड़ रूपए का पूँजीनिवेश जुटाया जाएगा। इतने भारी भरकम पूँजी निवेश के आने से उत्तर प्रदेश की दशा तथा दिशा पूरी तरह से बदल जाएगी।
प्रदेश में चल रहा है रिफॉर्म, परफोर्म तथा ट्रांसफॉर्म का दौर
उत्तर प्रदेश में तेजी के साथ हो रहे औद्योगिक विकास तथा बड़े पूंजी निवेश पर पूरी नजर डालना जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि उत्तर प्रदेश, जो कभी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य नहीं माना जाता था, आज देश के सबसे भरोसेमंद और तेजी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ऐसी छलांग लगाई है, जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मॉडल का सर्वोत्तम उदाहरण बन चुका है। जहां एक ओर 2017 से पहले यूपी निवेश मानचित्र पर मुश्किल से स्थान पा रहा था, वहीं अब यह राज्य वैश्विक निवेशकों के लिए पहला विकल्प बन गया है। विगत 8 वर्षों में लाखों करोड़ का निवेश और दुनिया भर के निवेशकों का उत्तर प्रदेश की ओर रिझान इसी ओर इशारा कर रहा है।
उत्तर प्रदेश में वर्ष- 2017 से पहले था निवेश का सूखा
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वर्ष 2000 से 2017 तक 17 वर्षों में उत्तर प्रदेश को महज ₹3,000 करोड़ का एफडीआई प्राप्त हुआ था। 2016 - 17 में यह आंकड़ा गिरकर ₹50 करोड़ तक सिमट गया था जो राज्य की छवि और औद्योगिक अभाव को दर्शाता है। राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग औसत थी, सिंगल विंडो सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। यही नहीं, औद्योगिक विकास के लिए न तो स्पष्ट विज़न था और न ही स्थिर कानून व्यवस्था, जिससे निवेशकों में विश्वास की कमी बनी रही। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने "निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य" बनने का संकल्प लिया।
इसके चलते 2019 से 2023 के बीच यूपी ने हजारों करोड़ से अधिक के एफडीआई को आकर्षित किया जो पूर्व की तुलना में कई गुना अधिक वृद्धि रही। सरकार ने दो इन्वेस्टर्स समिट (2018 यूपी इन्वेस्टर्स और 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट) सफलतापूर्वक आयोजित किए। 2018 जीआईएस से ₹4.28 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जबकि 2023 जीआईएस से रिकॉर्ड ₹33.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए। योगी सरकार ने इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) का सफलतापूर्वक आयोजन किया और अब जीबीसी-5 की तैयारी ज़ोरों पर है। Uttar Pradesh Samachar
प्रदेश में हो रही है जीबीसी-5 की तैयारी
उत्तर प्रदेश में अब तक जो चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गई हैं, उनके माध्यम से 16,000 से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं इनमें 8,000 से अधिक में वाणिज्यिक संचालन शुरू हो चुका है, जबकि 8,000 से अधिक कार्यान्वयनाधीन हैं। जो निवेश धरातल पर उतर रहा है उसमें सबसे ज्यादा निवेश विनिर्माण (62.25%), सेवा (28.09%) और अवसंरचना क्षेत्रों में हुआ है। इसके माध्यम से वीवो, टाटा, अदानी, पेप्सिको, हल्दीराम, आइकिया जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर अपने निवेश को धरातल पर उतारा है। इस वर्ष नंवबर में प्रस्तावित जीबीसी-5 के जरिए 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का लक्ष्य है जो आयोजन की तिथि तक बढ़कर 10 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। इस निवेश के धरातल पर उतरने से रोजगार के लाखों नए अवसर, स्थानीय उद्यमों का विकास और समग्र सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की उम्मीद है। Uttar pradesh News