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ये योजनाएं न सिर्फ कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ाएंगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी नई मजबूती देंगी। आइए जानते हैं वे 10 प्रमुख परियोजनाएं, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी।

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UP News : उत्तर प्रदेश विकास की तेज रफ्तार पर आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2026 राज्य के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है, क्योंकि इस दौरान कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा, खेल और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्ट पूरे होने वाले हैं। ये योजनाएं न सिर्फ कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ाएंगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी नई मजबूती देंगी। आइए जानते हैं वे 10 प्रमुख परियोजनाएं, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी।
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सेक्टर-21 में प्रस्तावित इंटरनेशनल फिल्म सिटी का पहला चरण 2026 में रफ्तार पकड़ेगा। लगभग 1000 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत शुरुआती दौर में 230 एकड़ भूमि पर निर्माण शुरू किया जाएगा। यह फिल्म सिटी आधुनिक स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगी, जिससे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नया ठिकाना मिलेगा।
नोएडा के पास बन रहा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है। यहां यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं का सफल परीक्षण किया जा चुका है। एयरड्रोम लाइसेंस मिलते ही 2026 की शुरुआत में यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा।
उत्तर प्रदेश टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। नोएडा में प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में करीब 3700 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। यहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले चिप्स का निर्माण होगा, जिससे स्थानीय उद्योग और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला लगभग 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अपने अंतिम चरण में है। साइनेज और सुरक्षा से जुड़ा काम पूरा होते ही 2026 में इसका उद्घाटन किया जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर करीब 8 घंटे रह जाएगा।
काशी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम 2026 टी-20 विश्व कप से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। लगभग 452 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम भगवान शिव की थीम पर आधारित वास्तुकला के लिए जाना जाएगा। दर्शक दीर्घा और फ्लडलाइट्स को भी खास डिजाइन में विकसित किया जा रहा है।
बुंदेलखंड क्षेत्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। झांसी, ललितपुर और चित्रकूट में तीन विशाल सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनके पूरा होने के बाद यह इलाका न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि प्रदेश को भी बिजली आपूर्ति में अहम भूमिका निभाएगा।
यमुना सिटी में उत्तर भारत की पहली फिनटेक सिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना गुजरात की जीआईएफटी सिटी की तर्ज पर तैयार होगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और आने वाले समय में यह क्षेत्र डिजिटल फाइनेंस और टेक्नोलॉजी का बड़ा हब बनेगा।
सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र में 800 मेगावाट क्षमता की दो अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल थर्मल यूनिट स्थापित की जा रही हैं। कोयला आधारित यह परियोजना राज्य की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद करेगी और इसके 2026 के अंत तक उत्पादन शुरू करने की संभावना है।
लखनऊ और कानपुर के बीच बन रहा एक्सप्रेसवे फरवरी 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके चालू होने से दोनों शहरों के बीच सफर महज 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जो फिलहाल 2 से 3 घंटे तक का होता है। इससे व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार लखनऊ को देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। नादरगंज क्षेत्र में एक आधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। 2026 में इस प्रोजेक्ट को और गति मिलने की उम्मीद है।
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