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प्रदेश की योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दायरे को और विस्तार देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब तक योजना से वंचित रही सभी अनुसूचित जनजातियों को इसमें शामिल कर लिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दायरे को और विस्तार देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब तक योजना से वंचित रही सभी अनुसूचित जनजातियों को इसमें शामिल कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि यह कदम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक विकास पहुंचाने की दिशा में अहम साबित होगा। UP News
सरकार के इस निर्णय के बाद अब भोटिया, जौनसारी, राजी और गोंड जैसी प्रमुख अनुसूचित जनजातियां भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इसके साथ ही गोंड की उपजातियां-धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड और अन्य समुदाय जैसे खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां और भुनियां को भी शामिल किया गया है। UP News
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। शुरुआती दौर में इसका फोकस वनटांगिया और मुसहर जैसी अति-पिछड़ी जातियों पर था। बाद में कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा जैसी कई जातियों को इसमें जोड़ा गया। सरकार का मानना है कि यह फैसला सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा और उन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जो अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे।UP News
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नई शामिल की गई जातियों के पात्र परिवारों का सर्वे कराया जाए और उन्हें जल्द से जल्द योजना से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें पक्के आवास की सुविधा मिल सके। इस फैसले से उन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, जो अब तक कच्चे घरों या झोपड़ियों में रहने को मजबूर थे। पक्का घर मिलने से न सिर्फ उनका जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह योजना राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। इसमें पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे अपना स्थायी आवास बना सकें। UP News
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