नवंबर में उत्तर प्रदेश का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है। दिन में हल्की धूप और शाम को गुलाबी ठंड, बिल्कुल वैसा मौसम जो आपको ट्रैवल के लिए प्रेरित करे।

भारत के दिल में बसा उत्तर प्रदेश सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक अनुभव है। यह वो जमीन है जहां भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और गौतम बुद्ध जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। यहां हर शहर की मिट्टी में इतिहास की खुशबू है और हर घाट पर भक्ति की गूंज। नवंबर का महीना इन सभी रंगों को देखने और महसूस करने के लिए एकदम परफेक्ट समय है। नवंबर में उत्तर प्रदेश का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है। दिन में हल्की धूप और शाम को गुलाबी ठंड, बिल्कुल वैसा मौसम जो आपको ट्रैवल के लिए प्रेरित करे। इस समय न ज्यादा भीड़ होती है, न उमस, इसलिए घूमने और तस्वीरें लेने का मजा दोगुना हो जाता है।
गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के मिलन स्थल त्रिवेणी संगम के लिए प्रसिद्ध प्रयागराज न सिर्फ धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी खास है। सूर्योदय के समय नाव की सवारी करें, दृश्य अविस्मरणीय होता है। यहां देखने के लिए मुख्य रूप से हैं।
* त्रिवेणी संगम घाट : जहां पूजा और स्नान का अनुभव आत्मा को सुकून देता है।
* प्रयागराज किला : अकबर के शासनकाल का भव्य किला।
* चंद्रशेखर आजाद पार्क : स्वतंत्रता सेनानी की स्मृतियों से जुड़ा।
* खुसरो बाग, जवाहर तारामंडल और मनकामेश्वर मंदिर भी देखने लायक हैं।
काशी, जिसे वाराणसी या बनारस भी कहा जाता है, दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक है। यहां हर गली में भक्ति, हर घाट पर दर्शन और हर मोड़ पर संस्कृति का संगम मिलता है। घाट किनारे की बनारसी चाय और स्ट्रीट म्यूजिÞक सुनना न भूलें। यहां देखने लायक स्थान ये हैं।
* काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करें।
* दशाश्वमेध घाट पर शाम की गंगा आरती देखें।
* अस्सी घाट पर सुबह के सूर्योदय का आनंद लें।
* रामनगर किला, भारत कला भवन संग्रहालय, और संकट मोचन हनुमान मंदिर भी जाएं।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी, अपने "नवाबी स्टाइल" और "मेहमाननवाजी" के लिए जानी जाती है। यहां इतिहास, वास्तुकला, खाना और शॉपिंग सब कुछ बेहतरीन है। खास चीजें हैं टुंडे कबाबी, लखनवी बिरयानी, चिकनकारी की शॉपिंग और शाम का गोमती रिवरफ्रंट वॉक। यहां घूमने लायक जगहें हैं।
* बड़ा और छोटा इमामबाड़ा : अद्भुत वास्तुकला का नमूना।
* रूमी दरवाजा, अंबेडकर पार्क, हजरतगंज मार्केट।
* ब्रिटिश रेजीडेंसी : 1857 के विद्रोह की यादें समेटे हुए।
अगर आप बीच की वाइब्स चाहते हैं लेकिन लंबा सफर नहीं करना चाहते, तो पीलीभीत जिले का चुका बीच आपके लिए परफेक्ट है।
यहां का शांत माहौल, पानी का किनारा और हरियाली आपको गोवा या मालदीव जैसा एहसास दिलाएंगे। वीकेंड ट्रिप के लिए बढ़िया आॅप्शन है, लखनऊ या बरेली से कार से पहुंच सकते हैं। यहां खास है।
* शारदा सागर डैम के किनारे बसा नेचर हॉटस्पॉट।
* बोटिंग, फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग के लिए आदर्श जगह।
* सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का दृश्य मन मोह लेता है।
अयोध्या धार्मिक आस्था का केंद्र है और नवंबर-दिसंबर में यहां का वातावरण भक्तिमय रहता है। राम मंदिर के दर्शन, सरयू नदी के घाट और दीपोत्सव के बाद का माहौल इसे और खास बना देता है। दीपों से सजी अयोध्या रात को किसी स्वर्ग से कम नहीं लगती। यहां देखने लायक है।
* राम जन्मभूमि मंदिर
* हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू घाट
* राम की पैड़ी पर शाम की आरती
मथुरा और वृंदावन की गलियों में भक्ति और संगीत का अनोखा संगम है। नवंबर में यहां का मौसम और मंदिरों की भव्यता मन मोह लेती है। यहां की लस्सी और पेड़ा बहुत ही जोरदार होता है। यहां देखने लायक मुख्य रूप से ये स्थल हैं।
* श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर
* बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर
* यमुना आरती और वृंदावन की गलियों में रासलीला के दृश्य
वाराणसी से कुछ ही किलोमीटर दूर सारनाथ वह जगह है जहां गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यहां का शांत वातावरण ध्यान और मनन के लिए परफेक्ट है। यहां देखने लायक जगहें हैं।
* धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप
* बुद्ध संग्रहालय, मूलगंध कुटी विहार मंदिर
नवंबर में उत्तर प्रदेश हर रूप में खिला रहता है। कहीं मंदिरों की घंटियां हैं, कहीं इतिहास की इमारतें, तो कहीं प्रकृति की शांति।
चाहे आप आध्यात्मिक सुकून ढूंढ रहे हों, पारिवारिक यात्रा की योजना बना रहे हों, या दोस्तों के साथ एडवेंचर ट्रिप चाहते हैं, उत्तर प्रदेश में सब कुछ है!