जमीन पर उतरने लगी है उत्तर प्रदेश सरकार की यह सबसे बड़ी योजना
Uttar Pradesh Samachar
भारत
चेतना मंच
21 Jul 2025 05:10 PM
Uttar Pradesh Samachar: उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी योजना जमीन पर उतरने लगी है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस सबसे बड़ी योजना की घोषणा 2 अक्टूबर 2024 को की गई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के अवसर पर इस बड़ी योजना की घोषणा की थी। उत्तर प्रदेश सरकार की इस बड़ी योजना का नाम ‘‘जीरो पावर्टी योजना’’ है। इस योजना की घोषणा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उत्तर प्रदेश को गरीब मुक्त प्रदेश बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश बनेगा पहला गरीब मुक्त प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘‘जीरो पावर्टी योजना’’ को सबसे बड़ी योजना कहा जा रहा है। इस योजना को सबसे बड़ी योजना कहने का कारण यह है कि इस योजना के पूरा होते ही उत्तर प्रदेश भारत का पहला गरीब मुक्त प्रदेश बन जाएगा। उत्तर प्रदेश को गरीब मुक्त प्रदेश बनाने की योजना पर 2 अक्टूबर 2024 से ही काम शुरू हो गया था। उत्तर प्रदेश सरकार की यह सबसे बड़ी योजना अब जमीनी स्तर पर भी नजर आने लगी है। उत्तर प्रदेश को गरीब मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सरकार ने 300 गरीब परिवारों का चयन कर लिया है। योजना के प्रािम चरण में 300 परिवारों के एक एक सदस्य को ट्रेनिंग देकर कम से कम 19 हजार रूपए महीना की नौकरी दी जाएगी।
प्रदेश के सबसे कमजोर परिवारों का चयन किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गरीबी की रेखा से नीचे जीवन जीने वाले परिवारों की गणना का काम चल रहा है। इस गणना के तहत उत्तर प्रदेश में रहने वाले 300 परिवारों का चयन करके उनका जीवन स्तर उठाने का काम शुरू किया जा रहा है। प्रथम चरण में सबसे ज्यादा गरीब परिवार चुने गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित परिवारों के मुखियाओं को गारंटीड स्किलिंग प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा । इस प्रोग्राम में उन्हें विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, प्रत्येक परिवार के मुखिया को 18,400 रुपये की मासिक आय सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सरकार ने निजी क्षेत्र की कंपनियों और स्वरोजगार योजनाओं के साथ साझेदारी की है। पहले चरण में, 300 परिवारों के मुखियाओं को यह प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि 3 से 6 महीने की होगी, जिसमें प्रशिक्षुओं को न केवल तकनीकी कौशल सिखाया जाएगा, बल्कि उन्हें वित्तीय प्रबंधन और उद्यमिता के गुर भी सिखाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह प्रोग्राम न केवल रोजगार प्रदान करेगा बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा। Uttar Pradesh Samachar