प्रदेश अपनी संस्कृति, इतिहास और विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी राज्य में एक ऐसा जिला भी है जो ऊर्जा उत्पादन के कारण खास पहचान रखता है। यह जिला है मथुरा, जिसे अक्सर पेट्रोल का शहर कहा जाता है। मथुरा को यह पहचान यूं ही नहीं मिली।

UP News : उत्तर प्रदेश अपनी संस्कृति, इतिहास और विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी राज्य में एक ऐसा जिला भी है जो ऊर्जा उत्पादन के कारण खास पहचान रखता है। यह जिला है मथुरा, जिसे अक्सर पेट्रोल का शहर कहा जाता है। मथुरा को यह पहचान यूं ही नहीं मिली। यहां स्थित है इंडियन आयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) की विशाल रिफाइनरी, जहां कच्चे तेल को प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विमान ईंधन जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं। यह प्लांट उत्तर भारत के ऊर्जा नेटवर्क का एक अहम केंद्र माना जाता है।
* स्थापना वर्ष: 1982
* उत्तर भारत की प्रमुख रिफाइनरियों में शामिल
* दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान तक ईंधन की आपूर्ति
* रोजाना बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का शोधन
यह रिफाइनरी न केवल ईंधन बनाती है, बल्कि लाखों लोगों की ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा करती है।
अक्सर देखा गया है कि मथुरा में पेट्रोल की कीमतें कुछ अन्य शहरों की तुलना में कम हो सकती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण होते हैं, यहां परिवहन लागत में कमी, सप्लाई स्रोत के पास होना तथा स्थानीय टैक्स संरचना का कम होना। हालांकि, पेट्रोल-डीजल के रेट रोज बदलते हैं, इसलिए सटीक जानकारी के लिए ताजा कीमतें देखना जरूरी होता है।
ऊर्जा के क्षेत्र में केवल मथुरा ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य इलाके भी सक्रिय हैं। बलिया में कच्चे तेल की संभावनाएं सामने आई हैं
कानपुर, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे शहर औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध मथुरा अब ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। विशाल रिफाइनरी और बड़े पैमाने पर ईंधन उत्पादन के चलते इसे पेट्रोल सिटी कहना बिल्कुल उचित है।