राष्ट्रपति कार्यक्रम से पहले राम मंदिर पहुंचे सीएम योगी, परखी तैयारियां
रामनगरी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया, फिर अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर राम कथा पार्क स्थित हेलीपैड पर उतरा।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित दौरे और आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। रामनगरी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया, फिर अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर राम कथा पार्क स्थित हेलीपैड पर उतरा। वहां से वे सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे और बजरंगबली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी और उत्तर प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
19 मार्च को प्रस्तावित है राष्ट्रपति मुर्मु का अयोध्या दौरा
अयोध्या में यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के अनुसार, हिंदी नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रपति राम मंदिर के द्वितीय तल पर रामनाम यंत्र की स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं। इसी दौरान मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों के सम्मान का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर स्थित देवीपाटन मंदिर से सीधे अयोध्या पहुंचे थे। यहां निरीक्षण और समीक्षा के बाद वे दोपहर करीब 12 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री का यह दौरा साफ संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में होने वाले हर बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के आयोजन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
रामनवमी और नवसंवत्सर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के साथ-साथ रामनवमी मेले और हिंदू नवसंवत्सर के अवसर पर भी अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को एडीजी जोन लखनऊ प्रवीण कुमार भी अयोध्या पहुंचे और उन्होंने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन किया, उसके बाद जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर भीड़ नियंत्रण, रूट डायवर्जन, संवेदनशील बिंदुओं और वीआईपी सुरक्षा पर विस्तार से मंथन किया। उन्होंने कहा कि रामनवमी अयोध्या के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होता है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी सजगता के साथ व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
अधिकारियों के मुताबिक, अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए बहुस्तरीय तैयारी की जा रही है। सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती, भीड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता और स्थानीय नेटवर्क की मदद से निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। प्रशासन का फोकस केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शन व्यवस्था, आवागमन, बैरिकेडिंग, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं पर भी समान रूप से दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अयोध्या में होने वाले सभी आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हों। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित दौरे और आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। रामनगरी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया, फिर अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर राम कथा पार्क स्थित हेलीपैड पर उतरा। वहां से वे सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे और बजरंगबली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी और उत्तर प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
19 मार्च को प्रस्तावित है राष्ट्रपति मुर्मु का अयोध्या दौरा
अयोध्या में यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के अनुसार, हिंदी नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रपति राम मंदिर के द्वितीय तल पर रामनाम यंत्र की स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं। इसी दौरान मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों के सम्मान का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर स्थित देवीपाटन मंदिर से सीधे अयोध्या पहुंचे थे। यहां निरीक्षण और समीक्षा के बाद वे दोपहर करीब 12 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री का यह दौरा साफ संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में होने वाले हर बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के आयोजन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
रामनवमी और नवसंवत्सर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के साथ-साथ रामनवमी मेले और हिंदू नवसंवत्सर के अवसर पर भी अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को एडीजी जोन लखनऊ प्रवीण कुमार भी अयोध्या पहुंचे और उन्होंने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन किया, उसके बाद जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर भीड़ नियंत्रण, रूट डायवर्जन, संवेदनशील बिंदुओं और वीआईपी सुरक्षा पर विस्तार से मंथन किया। उन्होंने कहा कि रामनवमी अयोध्या के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होता है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी सजगता के साथ व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
अधिकारियों के मुताबिक, अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए बहुस्तरीय तैयारी की जा रही है। सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती, भीड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता और स्थानीय नेटवर्क की मदद से निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। प्रशासन का फोकस केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शन व्यवस्था, आवागमन, बैरिकेडिंग, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं पर भी समान रूप से दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अयोध्या में होने वाले सभी आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हों। UP News












