ईद पर जश्न नहीं, मातम मनाने की अपील; जेल से आजम खान का संदेश
सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने ईद के मौके पर मुसलमानों से जश्न न मनाने और मातम करने की अपील की है। उनका यह संदेश उनके करीबी यूसुफ मलिक के माध्यम से बाहर आया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने ईद के मौके पर मुसलमानों से जश्न न मनाने और मातम करने की अपील की है। उनका यह संदेश उनके करीबी यूसुफ मलिक के माध्यम से बाहर आया है। आजम खान ने कहा है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और उसमें मासूमों की मौत को देखते हुए मुसलमानों को इस बार ईद सादगी और शोक के साथ मनानी चाहिए।
ईरान-इजरायल युद्ध का किया जिक्र
युसूफ मलिक ने जेल से बाहर आकर मीडिया को बताया कि आजम खान वैश्विक हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विशेष रूप से ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस युद्ध में कई मासूम बच्चों की जान गई है। इसी वजह से उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वे ईद के दिन जश्न से दूरी बनाकर विरोध का संदेश दें।
काले कपड़े पहनकर नमाज पढ़ने की अपील
आजम खान ने अपने संदेश में कहा है कि विरोध के तौर पर मुसलमान इस बार ईद पर नए कपड़े न पहनें। उन्होंने लोगों से काले कपड़े पहनकर या काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने की अपील की है, ताकि युद्ध में मारे गए बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा सके।
आजम खान की इस अपील को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। लंबे समय से जेल में रहने के कारण वह सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन उनके इस संदेश को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। खासकर रामपुर और मुरादाबाद के इलाके में उनकी पकड़ को फिर मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी इसे देखा जा रहा है।
युसूफ मलिक के अनुसार आजम खान ने कहा कि दुनिया में कहीं भी मुसलमानों पर होने वाले अत्याचार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी समुदाय के लोगों से शांति और इंसानियत के पक्ष में खड़े होने की अपील भी की है।
UP News : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने ईद के मौके पर मुसलमानों से जश्न न मनाने और मातम करने की अपील की है। उनका यह संदेश उनके करीबी यूसुफ मलिक के माध्यम से बाहर आया है। आजम खान ने कहा है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और उसमें मासूमों की मौत को देखते हुए मुसलमानों को इस बार ईद सादगी और शोक के साथ मनानी चाहिए।
ईरान-इजरायल युद्ध का किया जिक्र
युसूफ मलिक ने जेल से बाहर आकर मीडिया को बताया कि आजम खान वैश्विक हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विशेष रूप से ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस युद्ध में कई मासूम बच्चों की जान गई है। इसी वजह से उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वे ईद के दिन जश्न से दूरी बनाकर विरोध का संदेश दें।
काले कपड़े पहनकर नमाज पढ़ने की अपील
आजम खान ने अपने संदेश में कहा है कि विरोध के तौर पर मुसलमान इस बार ईद पर नए कपड़े न पहनें। उन्होंने लोगों से काले कपड़े पहनकर या काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने की अपील की है, ताकि युद्ध में मारे गए बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा सके।
आजम खान की इस अपील को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। लंबे समय से जेल में रहने के कारण वह सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन उनके इस संदेश को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। खासकर रामपुर और मुरादाबाद के इलाके में उनकी पकड़ को फिर मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी इसे देखा जा रहा है।
युसूफ मलिक के अनुसार आजम खान ने कहा कि दुनिया में कहीं भी मुसलमानों पर होने वाले अत्याचार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी समुदाय के लोगों से शांति और इंसानियत के पक्ष में खड़े होने की अपील भी की है।












