यहां रहने वाले कई लोग साइबर ठगी के ऐसे नेटवर्क में शामिल बताए जाते हैं, जो भोले-भाले लोगों से मिनटों में बैंक खाते खाली करने में माहिर हैं।

यूपी न्यूज : उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में इन दिनों मथुरा का एक गांव चर्चा में है, जिसे लोग मजाक-मजाक में नहीं बल्कि गंभीरता से मिनी जामताड़ा कहने लगे हैं। वजह यहां रहने वाले कई लोग साइबर ठगी के ऐसे नेटवर्क में शामिल बताए जाते हैं, जो भोले-भाले लोगों से मिनटों में बैंक खाते खाली करने में माहिर हैं।
गोवर्धन थाना क्षेत्र के देवसेरस गांव में गुरुवार सुबह पुलिस ने अचानक एक विशाल सर्च आॅपरेशन चलाया। भारी पुलिस बल के पहुंचते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। कई संदिग्ध लोग भागने की कोशिश में दिखे, मगर पुलिस ने तुरंत इलाके को घेर लिया और संभावित ठिकानों की क्रमबद्ध तरीके से तलाशी ली।
इस अभियान के लिए जिला पुलिस ने पहले से रणनीति तैयार की थी। दिलचस्प बात यह रही कि स्थानीय थाने की टीम, क्षेत्राधिकारी और एडिशनल एसपी को इस अभियान में शामिल नहीं किया गया। ऐसा इसलिए ताकि छापे की सूचना पहले से किसी को पता न चल पाए और कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय बनी रहे।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने बारह से अधिक लोगों को पकड़कर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक अनुमान है कि इनमें से कुछ लोग बड़े साइबर ठगी गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब सभी के मोबाइल, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। अभियान से साफ हो गया है कि मथुरा पुलिस संगठित अपराध, खासकर आॅनलाइन ठगी के खिलाफ अब आक्रामक रुख अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे होने की उम्मीद है।