योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब इन अस्पतालों में भी मिलेगा मुफ्त इलाज
प्रयागराज में मिले सकारात्मक नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें नजदीक ही एक विश्वसनीय, व्यवस्थित और बेहतर विकल्प मिल सके।

UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश सरकार ने दी है। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े परिवारों के लिए योगी सरकार एक और बड़ी राहत की तैयारी में है। अब इलाज की सुविधा सिर्फ सामान्य सरकारी-निजी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के कैंटोनमेंट (छावनी) अस्पताल भी आयुष्मान नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) जल्द ही 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ एमओयू साइन करेगउत्तर प्रदेशमें कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं, जिनमें प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल पहले से आयुष्मान कार्ड पर मरीजों का उपचार कर रहा है। प्रयागराज में मिले सकारात्मक नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें नजदीक ही एक विश्वसनीय, व्यवस्थित और बेहतर विकल्प मिल सके।
प्रयागराज मॉडल बना आधार
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, जनवरी 2026 से प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरी तरह निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। यहां सिर्फ सामान्य उपचार नहीं, बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के लिए विशेषज्ञ विभागों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं - जैसे कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और मेडिकल व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी। खास बात यह है कि मरीजों को फ्री OPD अप्वाइंटमेंट, फ्री जांच और गंभीर स्थिति में मुफ्त परिवहन जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। सरकार का दावा है कि प्रयागराज में इस व्यवस्था के बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, इसी वजह से अब योगी सरकार इस सफल मॉडल को उत्तर प्रदेश के अन्य कैंटोनमेंट अस्पतालों तक विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
एमओयू के बाद इन शहरों में मिलेगा लाभ
स्टेट हेल्थ एजेंसी ने एमओयू को लेकर औपचारिक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं। समझौता होते ही उत्तर प्रदेश के जिन 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, उनमें लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, वाराणसी, अयोध्या, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, फतेहपुर, झांसी और बबीना शामिल हैं। इन अस्पतालों के जुड़ने से यूपी में आयुष्मान योजना के तहत पैनल्ड अस्पतालों की संख्या बढ़ेगी और लाभार्थियों को शहर-दर-शहर इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे। साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव के अनुसार, कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय से उत्तर प्रदेश के आयुष्मान कार्ड धारकों को विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। खास तौर पर गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए पिक एंड ड्रॉप जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत न हो।
आयुष्मान पोर्टल से जुड़ेंगे अस्पताल
योगी सरकार की योजना है कि एमओयू के बाद कैंटोनमेंट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे उपचार, बिलिंग और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तय समय में पूरी हो सकेगी। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से उत्तर प्रदेश में न सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी संतुलित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कैंटोनमेंट अस्पतालों की आधुनिक सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सकेगा। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश सरकार ने दी है। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े परिवारों के लिए योगी सरकार एक और बड़ी राहत की तैयारी में है। अब इलाज की सुविधा सिर्फ सामान्य सरकारी-निजी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के कैंटोनमेंट (छावनी) अस्पताल भी आयुष्मान नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) जल्द ही 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ एमओयू साइन करेगउत्तर प्रदेशमें कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं, जिनमें प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल पहले से आयुष्मान कार्ड पर मरीजों का उपचार कर रहा है। प्रयागराज में मिले सकारात्मक नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें नजदीक ही एक विश्वसनीय, व्यवस्थित और बेहतर विकल्प मिल सके।
प्रयागराज मॉडल बना आधार
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, जनवरी 2026 से प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरी तरह निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। यहां सिर्फ सामान्य उपचार नहीं, बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के लिए विशेषज्ञ विभागों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं - जैसे कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और मेडिकल व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी। खास बात यह है कि मरीजों को फ्री OPD अप्वाइंटमेंट, फ्री जांच और गंभीर स्थिति में मुफ्त परिवहन जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। सरकार का दावा है कि प्रयागराज में इस व्यवस्था के बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, इसी वजह से अब योगी सरकार इस सफल मॉडल को उत्तर प्रदेश के अन्य कैंटोनमेंट अस्पतालों तक विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
एमओयू के बाद इन शहरों में मिलेगा लाभ
स्टेट हेल्थ एजेंसी ने एमओयू को लेकर औपचारिक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं। समझौता होते ही उत्तर प्रदेश के जिन 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, उनमें लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, वाराणसी, अयोध्या, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, फतेहपुर, झांसी और बबीना शामिल हैं। इन अस्पतालों के जुड़ने से यूपी में आयुष्मान योजना के तहत पैनल्ड अस्पतालों की संख्या बढ़ेगी और लाभार्थियों को शहर-दर-शहर इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे। साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव के अनुसार, कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय से उत्तर प्रदेश के आयुष्मान कार्ड धारकों को विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। खास तौर पर गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए पिक एंड ड्रॉप जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कत न हो।
आयुष्मान पोर्टल से जुड़ेंगे अस्पताल
योगी सरकार की योजना है कि एमओयू के बाद कैंटोनमेंट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे उपचार, बिलिंग और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तय समय में पूरी हो सकेगी। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से उत्तर प्रदेश में न सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी संतुलित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कैंटोनमेंट अस्पतालों की आधुनिक सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सकेगा। UP News












