पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने सर्वोच्च न्यायालय का खटखटाया दरवाजा

पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

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पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 06:42 PM
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UP News : उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है जब दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही इस मामले में सेंगर को जमानत देने से इनकार कर चुका है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सेंगर ने सर्वोच्च अदालत से राहत की उम्मीद लगाई है।

पुलिस हिरासत में हुई थी पीड़िता के पिता की मौत

पीड़िता के पिता की मौत उन्नाव दुष्कर्म प्रकरण के दौरान पुलिस हिरासत में हुई थी, जिसने पूरे मामले को और अधिक गंभीर और संवेदनशील बना दिया था। इस मामले में सेंगर के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इसी आधार पर उन्होंने जमानत की मांग की है।

सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे 

गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे हैं। हालांकि, दुष्कर्म मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, लेकिन उस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। अब पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। 9 फरवरी को होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि सेंगर को इस मामले में कोई राहत मिलती है या नहीं।

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उत्तर प्रदेश में फर्जी शादीनामा बनाकर युवक से की लाखों की मांग

युवक ने बताया कि उनका महिला से कभी विवाह नहीं हुआ और अदालत में दायर हलफनामा पूरी तरह झूठा है। दुबई से तीन साल बाद लौटने पर युवक को इस मामले की जानकारी हुई। इसके बाद महिला ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

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फर्जी दुल्हन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 06:04 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर के बसखारी क्षेत्र में रहने वाला एक युवक दुबई में काम कर रहा था। इस दौरान क्षेत्र की एक महिला, फरा खान उर्फ फरहाना खातून, ने उनके नाम पर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कराया। महिला ने अदालत में यह दावा किया कि वे दोनों विवाहित हैं और उनके वैवाहिक जीवन में युवक की सास हस्तक्षेप करती हैं।

फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी

युवक ने बताया कि उनका महिला से कभी विवाह नहीं हुआ और अदालत में दायर हलफनामा पूरी तरह झूठा है। दुबई से तीन साल बाद लौटने पर युवक को इस मामले की जानकारी हुई। इसके बाद महिला ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

पुलिस ने जालसाजी और धमकी देने की एफआईआर दर्ज की

युवक ने पहले बसखारी थाना (28 नवंबर 2025) और बाद में एसपी कार्यालय (11 दिसंबर 2025) में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी और धमकी देने की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के माध्यम से आर्थिक लाभ लेने के मामलों का उदाहरण है।

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पूर्वांचल में बढ़ रहा उद्योगों का आकर्षण : यह कंपनी लगाएगी 4000 करोड़ की टायर फैक्ट्री

मशहूर टायर निर्माता कंपनी सीएट ने अमेठी में टायर फैक्ट्री लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 150-200 एकड़ जमीन का सर्वे किया है। इस परियोजना में कुल 4000 करोड़ का निवेश होने की संभावना है।

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टायर निर्माता कंपनी सीएट
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 06:05 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में अब बड़े उद्योगों का ध्यान बढ़ता दिख रहा है। मशहूर टायर निर्माता कंपनी सीएट ने अमेठी में टायर फैक्ट्री लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 150-200 एकड़ जमीन का सर्वे किया है। इस परियोजना में कुल 4000 करोड़ का निवेश होने की संभावना है।

4000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा 

फैक्ट्री के पूरी तरह चलने पर लगभग 4000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और उतने ही लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस निवेश से न केवल स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलेगी बल्कि पलायन की समस्या भी कम होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।

कानून-व्यवस्था और बेहतर परिवहन सुविधाएँ हैं कारण

पूर्वांचल में उद्योगों के आकर्षण का कारण योगी सरकार द्वारा सुधारित कानून-व्यवस्था और बेहतर परिवहन सुविधाएँ बताई जा रही हैं। इसी कारण अब कई बड़े निवेशक नोएडा और गाजियाबाद की बजाय पूर्वांचल के जिलों की ओर रुख कर रहे हैं। अमेठी के अलावा अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में भी आॅटोमोबाइल और अन्य उद्योग स्थापित करने की योजनाएँ चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हैं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां निवेश करना आसान है। इस कदम से पूर्वांचल में आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

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