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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जोरदार हमला बोला।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर राम मंदिर आंदोलन और सनातन आस्था को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग कभी राम के नाम का विरोध करते थे, आज वही लोग अयोध्या जाने की होड़ में लगे हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामपुर में करीब 690 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य से निकलकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में प्रदेश की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब डबल इंजन सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रही है।
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अपने भाषण में सीएम योगी ने विपक्ष पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जो लोग कभी राम का विरोध करते थे, आज वही लोग अयोध्या जाने को मचल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में रामभक्तों पर लाठीचार्ज और गोली चलाने जैसी घटनाएं हुईं, लेकिन अब वही लोग आस्था की बातें कर रहे हैं।
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सीएम योगी ने कहा कि आज अयोध्या, काशी और मथुरा का विकास देखकर कुछ लोगों को चिढ़ होती है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम जैसे प्रोजेक्ट्स ने उत्तर प्रदेश की छवि बदल दी है। हालांकि, इन बयानों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है, क्योंकि विपक्ष लगातार सरकार पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के आरोप लगाता रहा है।
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योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे।
त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती थी, प्रदेश की विरासत को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण की नीति पर काम कर रही है। सीएम योगी के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल अक्सर भाजपा सरकार पर धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते रहे हैं। वहीं भाजपा का दावा है कि सरकार विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण दोनों को आगे बढ़ा रही है। रामपुर की यह रैली केवल विकास योजनाओं का मंच नहीं थी, बल्कि 2027 की राजनीति का संकेत भी मानी जा रही है। राम मंदिर, अयोध्या और विरासत जैसे मुद्दे एक बार फिर यूपी की सियासत के केंद्र में आ गए हैं।
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