चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू होने से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए रोमांच का नया अवसर खुल गया है। रविवार को फील्ड डायरेक्टर मनोज कुमार शुक्ला ने फीता काटकर जंगल सफारी का शुभारंभ किया।

UP News: चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में घूमने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। रविवार से यहां जंगल सफारी की शुरुआत हो गई है। फील्ड डायरेक्टर मनोज कुमार शुक्ला ने फीता काटकर सफारी का शुभारंभ किया। अब पर्यटक जंगल के बीच वन्यजीवों को देखने के साथ प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच का अनुभव कर सकेंगे। एक सफारी ट्रिप के लिए प्रति व्यक्ति करीब तीन हजार रुपये खर्च करने होंगे। वन विभाग ने सफारी के लिए वाहनों की व्यवस्था की है। हालांकि, हाल में हुई बारिश के कारण जंगल के रास्तों पर अभी कीचड़ और नमी है। इस वजह से पर्यटकों को नियमित सफारी के लिए दो से तीन दिन इंतजार करना पड़ सकता है। उप निदेशक प्रत्यूष कटियार के अनुसार, रास्ते सूखने के बाद सफारी नियमित रूप से शुरू करा दी जाएगी। UP News:
जंगल सफारी शुरू होने से मानिकपुर और मारकुंडी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। होटल, परिवहन और दूसरे छोटे कारोबार को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है। पर्यटकों के रात्रि विश्राम के लिए मारकुंडी डाक बंगले में कॉटेज उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा किहुनिया और जामवंत क्षेत्र में चार स्वीट कॉटेज बनाए गए हैं। इन कॉटेज में भारतीय पर्यटकों के लिए एक रात का किराया तीन हजार रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए छह हजार रुपये निर्धारित किया गया है।

रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटन के कई अन्य आकर्षण भी मौजूद हैं। शबरी जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां बनाया गया ग्लास स्काई वॉक ब्रिज भी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। जंगल सफारी के साथ जलप्रपात और कांच के पुल का अनुभव चित्रकूट की यात्रा को और खास बना सकता है। UP News:
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वर्ष 2022 में रानीपुर को देश का 53वां और उत्तर प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। यह 529.36 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, यहां चार बाघ, 25 तेंदुए, 82 भालू और 60 लकड़बग्घे पाए जाते हैं। इसके अलावा चीतल, सांभर, चिंकारा, हिरन और काला हिरन सहित कई वन्यजीव यहां मौजूद हैं। रिजर्व में पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियां भी पाई जाती हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व से नजदीकी के कारण रानीपुर को बाघों के आवागमन के महत्वपूर्ण गलियारे के रूप में भी जाना जाता है।
सफारी के शुभारंभ के दौरान सहायक वन संरक्षक राजीव रंजन, वन्यजीव प्रतिपालक गोविंद प्रसाद और क्षेत्रीय वन अधिकारी सुशील श्रीवास्तव सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू होने से चित्रकूट के पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे वन्यजीव पर्यटन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। UP News:
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