अमेठी में 2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.04 प्रतिशत ट्रांजैक्शन शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

UP News : 2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.04 प्रतिशत ट्रांजैक्शन शुल्क को लेकर अमेठी में व्यापारियों ने विरोध जताया है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, जनपद अमेठी के जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में बुधवार को बड़ी संख्या में व्यापारी गौरीगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित शुल्क वापस लेने अथवा व्यापारियों को इससे पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि कारोबार से जुड़े विभिन्न कर और शुल्क का वे पहले से भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन शुल्क लगाया गया तो इसका सीधा असर छोटे और मध्यम कारोबारियों पर पड़ सकता है। व्यापारियों ने कहा कि UPI के जरिए भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। यदि 2,000 से अधिक के लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो इससे व्यापारियों की लागत बढ़ने के साथ ग्राहकों पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। UP News :
जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने कहा कि व्यापारी वर्ग लंबे समय से सरकार की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने में सहयोग करता आ रहा है। दुकानों और कारोबार में UPI भुगतान की सुविधा लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में बड़े UPI लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है। व्यापारियों का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। UP News :
व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में प्रस्तावित 0.04 प्रतिशत शुल्क पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम व्यापारियों को इस तरह के अतिरिक्त शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल और कम लागत वाली बनाए रखने के लिए प्रस्तावित शुल्क को वापस लिया जाए। साथ ही व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस मामले में राहत दी जाए। UP News :
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