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प्रदेश में अगले डेढ़ महीने तक रेल यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में ट्रैक सुधार कार्य के चलते 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक कई ट्रेनों को रद करने और कई के रूट बदलने का फैसला लिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में अगले डेढ़ महीने तक रेल यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में ट्रैक सुधार कार्य के चलते 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक कई ट्रेनों को रद करने और कई के रूट बदलने का फैसला लिया गया है। यह कदम रेलवे ट्रैक को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रेलवे द्वारा कानपुर और लखनऊ के बीच रेल पटरियों पर स्लीपर बदलने का व्यापक काम शुरू किया जा रहा है। इस दौरान पुल संख्या 110 के आसपास भारी तकनीकी कार्य होगा, जिसके कारण इस रूट पर ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से संभव नहीं रहेगा। कार्य के दौरान पावर ब्लॉक लिया जाएगा, यानी कुछ समय के लिए ट्रैक पूरी तरह बंद रहेगा। इसी वजह से कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त करना पड़ा है, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा।
इस अवधि में कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है।
* नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस अब कानपुर की बजाय गाजियाबाद और मुरादाबाद होते हुए लखनऊ पहुंचेगी।
* जम्मूतवी एक्सप्रेस का रूट भी बदला गया है और यह अब इटावा के रास्ते चलेगी।
* आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा, जिससे कई स्टेशनों का ठहराव प्रभावित होगा।
इन बदलावों का असर खासकर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो नियमित रूप से इन ट्रेनों से सफर करते हैं।
रेलवे ने इस अवधि में कई पैसेंजर और लोकल ट्रेनों को पूरी तरह से रद कर दिया है। इनमें प्रयागराज, कानपुर, झांसी और लखनऊ रूट की कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। खास तौर पर दैनिक यात्रियों (डेली कम्यूटर्स) को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि मेमू और पैसेंजर ट्रेनें ही उनके रोजमर्रा के सफर का मुख्य साधन होती हैं।
* लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी और रूट बदलाव से यात्रा समय बढ़ सकता है
* छोटे स्टेशनों पर ठहराव कम होने से यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ सकती है
* लोकल यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
रेलवे का कहना है कि यह काम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार और विश्वसनीयता दोनों बेहतर हो सके।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। रद या डायवर्टेड ट्रेनों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से प्राप्त की जा सकती है। कुल मिलाकर, यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सफर के लिए जरूरी कदम मानी जा रही है। हालांकि, यात्रियों को फिलहाल अपनी यात्रा योजनाओं में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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