विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण की अपील का असर अब उत्तर प्रदेश में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिशा में कई अहम और व्यापक फैसले लेते हुए राज्य में ग्रीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की रूपरेखा तैयार कर दी है।

UP News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण की अपील का असर अब उत्तर प्रदेश में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिशा में कई अहम और व्यापक फैसले लेते हुए राज्य में ग्रीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की रूपरेखा तैयार कर दी है। इन फैसलों में हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे लागू करने की तैयारी, सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित करने जैसे कदम शामिल हैं। UP News
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में सुझाव दिया कि प्रदेश में सप्ताह का एक दिन नो व्हीकल डे के रूप में मनाया जाए। इस दिन सरकारी मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल ईंधन की बचत करना है, बल्कि शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण को भी कम करना है। सरकार का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।
पीक आॅवर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार सरकारी दफ्तरों के समय को शिफ्ट में बांटने पर विचार कर रही है। इससे एक साथ सड़कों पर आने वाले वाहनों की संख्या कम होगी और यातायात दबाव में राहत मिलेगी। इसके साथ ही, विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। UP News
सरकार ने औद्योगिक विकास विभाग और अन्य संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें। इसके अलावा, शिक्षा विभाग और अन्य सरकारी विभागों में होने वाली बैठकों, वर्कशॉप और सेमिनारों को अधिकतम रूप से आॅनलाइन माध्यम में आयोजित करने पर जोर दिया गया है। सचिवालय और निदेशालय स्तर की लगभग 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें वर्चुअल करने की योजना है। UP News
प्रदेश में छात्रों और कर्मचारियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत सरकारी परिवहन निगम की बसों को स्कूल-कॉलेजों से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे न केवल यातायात में कमी आएगी बल्कि छात्रों को सुरक्षित और सस्ता परिवहन विकल्प भी मिलेगा। UP News
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ऊर्जा संरक्षण अब केवल नीति नहीं बल्कि जन-आंदोलन होना चाहिए। इसके तहत सरकारी भवनों, निजी प्रतिष्ठानों और घरों में अनावश्यक बिजली खपत को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। रात 10 बजे के बाद व्यावसायिक परिसरों और प्रतिष्ठानों में सजावटी लाइटों के न्यूनतम उपयोग पर भी जोर दिया गया है। UP News
सरकार ने लोगों से अपील की है कि जिन शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, वहां उसका अधिकतम उपयोग किया जाए। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), साइक्लिंग और कारपूलिंग को भी बढ़ावा देने की योजना है। जिन रूटों पर अधिक भीड़ रहती है, वहां अतिरिक्त बस सेवाएं बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के ये फैसले साफ संकेत देते हैं कि राज्य अब ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि ये योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो आने वाले समय में न केवल ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि लोगों की जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। UP News
विज्ञापन